दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: राजा भर्तृहरि कहते हैं कि —————– भ्रान्तं देशमनेकदुर्गविषमं प्रा … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: मन के समंदर में उठती लहरें कई नाम है जो नाव की तरह लहराते निकल जाते हैं जिसका किनारा आ गया वह साथ छो … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: वह क्रिकेट खेले और विश्व कप जीतकर प्रतिष्ठा का वह इतना शिखर छू लें-जो एक आदमी के लिए दिवास्वप्न हो। … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: १.देश, काल, विद्या एवं अन्यास में लिप्त अपराधियों की शक्ति को देखते हुए राज्य को उन्हें उचित दण्ड दे … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: हमारे दर्शन के अनुसार मनुष्य योनि बहुत पुण्य करने पर मिलती है और अगर कोई इस योनि में दान-पुण्य और धर … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: आज महिला दिवस है और मैं अपने आसपास देख रहा हूँ की शायद ही कोई महिला हो जिसे यह मालुम हो और अगर मालुम … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: मनोरंजन के लिए किसी दृश्य, वस्तु या आदमी की चाहत इन्सान को मजबूर करती है इधर-उधर जाने के लिए बाजार म … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: चाह गयी चिंता मिटी, मनुआ बेपरवाह जिनको कछु न चाहिए। वे साहन के साह कविवर रहीम का कहना है कि इस संसार … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: १.इतने भारी शरीर वाला हाथी छोटे से अंकुश सा वश में किया जाता है. सब जानते हैं की अंकुश परिमाण में हा … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: मौसम की तरह लोग भी बदल जाते हैं सर्दी में गर्मी की यादें नहीं आती मुसीबत की घडी में जो साथ दें खुशिय … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: 1.मन की शुद्ध भावना से यदि लकड़ी, पत्थर या किसी धातु से बनी मूर्ति की पूजा की जायेगी तो सब में व्याप् … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: जब लग नाता जाति का, तब लग भक्ति न होय नाता तोड़े गुरू भजै, भक्त कहावै सोय कविवर कबीर दास जी कहते हैं … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: गुरु चेले जंगल से निकल कर शहर के मुख्य बाजार में आये, तो देखा सब जगह लोग मूर्तियों की तरह खडे थे. बा … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: 1.सुकर्म करने वाले कभी भी लोग,भोग, योग और पत्र(रुपया-पैसा) का संचय नहीं करते। इसी कारण उनका सुयश सर् … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: 1. साहसी मनुष्य को अपने पराक्रम का पुरस्कार अवश्य मिलता है। सिंह की गुफा में जाने वाले को संभव है का … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: स्वारथ सूका लाकडा, छाँह बिहूना सूल पीपल परमारथ भजो, सुख सागर को मूल संत शिरोमणि कबीरदास कहते हैं कि … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: जब से मोबाइल की बैटरी फ़टने की खबर आई है लोग सहमे हैं जिनके लिये मोबाइल कोई फोन नहीं बल्कि गहने हैं ब … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: दोस्त हम ऐसा चाहें जो वक्त पर काम आये पर कितना सोचते हैं कि हम दोस्तो के काम आयें ऊपर से लेकर नीचे त … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: चारों और वृक्षों से घिरा खिर्की पर है सुन्दर कांच लगा चिकने पत्थर का फर्श रोशनी से चमकते हुए कमरे सभ … more →