Blogs about: God
सूखे हुए तिनकों को आशियाँ कहिए
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विनय प्रजापति wrote 4 months ago: सूखे हुए तिनकों को आशियाँ कहिए जो सबपे … more »
नहीं आसाँ तो मुश्किल ही सही
विनय प्रजापति wrote 4 months ago: नहीं आसाँ तो मुश्किल ही सही वह जो है मा … more »
कब मेरे दिल से तेरी याद निकलती है
विनय प्रजापति wrote 4 months ago: “जो नाला होंठों तक न आया वह दिल का दाग़ … more »
गिर जायेगा इस बरसात में घर
विनय प्रजापति wrote 4 months ago: गिर जायेगा इस बरसात में घर तुम हो उधर ह … more »
दिल में फिर वही दर्द उठा है
विनय प्रजापति wrote 4 months ago: दिल में फिर वही दर्द उठा है तेरा हिज्र … more »
मैं कम-शक़्ल हूँ
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: जिसे चाहता हूँ वो कहता है मुझसे प्यार … more »
ख़ुदाया कभी करम मुझ पर भी
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: ख़ुदाया कभी करम मुझ पर भी सुम्बुल की थ … more »
हाल तेरा कहीं मैंने तुझसे बेहतर जाना
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: हाल तेरा कहीं मैंने तुझसे बेहतर जाना प … more »
शब हुई चाँद आया
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: शब हुई चाँद आया तेरे ग़म ने अँगड़ाई ली क़ … more »
अब 'विनय' तेरे ग़म से ग़ाफ़िल नहीं रहा
विनय प्रजापति wrote 7 months ago: अब ‘विनय’ तेरे ग़म से ग़ाफ़िल नहीं रहा दे … more »
एक मुलाक़ात की इल्तजा है
विनय प्रजापति wrote 8 months ago: एक मुलाक़ात की इल्तजा है उससे दुआ है वह … more »
नज़्म का कोई सिरा मिले...
विनय प्रजापति wrote 8 months ago: टूटा हुआ चाँद है मटमैली-सी रात में बुझ … more »
बारिश जैसी हो तुम
विनय प्रजापति wrote 8 months ago: खिली हुई शाम की बिखरी हुई धूप में बारि … more »
एक खु़श्क खा़मोश हसीन चेहरा
विनय प्रजापति wrote 8 months ago: एक खु़श्क खा़मोश हसीन चेहरा बिल्कुल स … more »
मैं हर साँस में अपने लिए तुम्हें
विनय प्रजापति wrote 8 months ago: क्या पाया और कितना पाया ज़िन्दगी से हमे … more »
