तू जाके फिर ना आयी मगर बार-बार आती रही तेरी याद सबने सुनी कहानी मेरी पर ना सुनी गयी मेरी फ़रियाद मैं भूला नहीं तेरा चेहरा कभी यह पागलपन है मेरा कहते रहे सभी तेरे सपने आँखों में लेकर मैं साथ तेरे जीता … more →
तख़लीक़-ए-नज़रAjad Panchhi wrote 9 months ago: “Love is like a blazing flame, golden and full of warmth.” Ben Oliver … more →
विनय wrote 1 year ago: तू जाके फिर ना आयी मगर बार-बार आती रही तेरी याद सबने सुनी कहानी मेरी पर ना सुनी गयी मेरी फ़रियाद मैं … more →
विनय wrote 2 years ago: शाम गहरी हो रही थी सुनहरा चाँद बादलों से झाँक रहा था छत पे था मैं और पुरवाई बह रही थी तेरा ख़्याल और … more →