विनय wrote 1 year ago: दिल की बस्तियाँ जलीं पर उठा नहीं धुँआ बुझाया आँखों से मैंने पर बुझा नहीं धुँआ बहुत देर तक टीस दबाये … more →
Tags: मेरी ग़ज़ल, उम्मीद, इश्क़, दर्द, Heart, Love, eyes, दिल, प्यार