विनय wrote 1 year ago: कभी वैसे होता है, कभी ऐसे होता है यह प्यार जो होता है, प्यार ही रहता है… तुमको सब पता है हमक … more →
विनय wrote 1 year ago: ‘नज़र’ को मग़फ़रत कर ऐ ख़ुदा ऐसा भी क्या गुनाह उसका, जो… मोहब्बत में न’कामयाब … more →
विनय wrote 1 year ago: What you did was very wrong Up to every context, every limit I was neither your lover nor your frien … more →
विनय wrote 1 year ago: ‘नज़र’ वो नज़र जो लग जाये तो तबाह कर दे अपनी पे आये तो हर इक अदू को बरबाद कर दे उसका तैशो … more →