Lost your password?

Blogs about: Gulab Kothari

Featured Blog

भय

gulabkothari wrote 2 weeks ago: किसी भी रोग के मूल में व्यक्ति के भाव ही होते हैं। शरीर की विभिन्न ऊर्जाओं का संचलन भावों के द्वारा … more →

Tags: Manas-1, गुलाब कोठारी, भय, Manas, patrika.com, rajasthanpatrika.com

नया युग

gulabkothari wrote 2 weeks ago: कि मां कहती है लडका अच्छा है मेरा मान करता है मित्रता चाहता है किंतु डरती हूं मैं आगे बढने से जानती … more →

Tags: Poem, गुलाब कोठारी, नया युग, patrika.com, rajasthanpatrika.com

विष वृक्ष

gulabkothari wrote 2 weeks ago: महाराष्ट्र में एक विधायक को राष्ट्र भाषा में शपथ लेने के कारण पार्टी विशेष के विधायकों की आक्रामकता … more →

Tags: spandan, Stambh, गुलाब कोठारी, विष वृक्ष, patrika.com, rajasthanpatrika.com

ध्वनि

gulabkothari wrote 4 weeks ago: श्रवण हमारी अतीव शक्तिशाली इन्द्रिय है। सुनी हुई बात यदि मन मे घर कर जाती है तो बरसों तक हमारे कान म … more →

Tags: Manas-1, गुलाब कोठारी, ध्वनि, Manas, patrika.com

फैसला तो करो!

gulabkothari wrote 1 month ago: भारत आज एक निर्णायक दौर से गुजर रहा है। उसे अपनी क्षमता सिद्ध करते हुए शिखर पर भी पहुंचना है और स्वा … more →

Tags: spandan, गुलाब कोठारी, फैसला तो करो!, patrika.com, rajasthanpatrika.com

उलूक

gulabkothari wrote 1 month ago: उलूक यानी उल्लू, लक्ष्मी का वाहन। जो लक्ष्मी के साथ रहकर भी अंधेरे को प्रकाश मानकर विचरण करे, वही उल … more →

Tags: spandan, उलूक, गुलाब कोठारी, patrika.com, rajasthanpatrika.com

किसके साथ

gulabkothari wrote 1 month ago: पशुभाव है कर्म ज्ञान के बिना ज्ञान भी बन जाता है विष बिना उपयोग के। पैदा किसने किया अज्ञान को कौन कर … more →

Tags: Poem, किसके साथ, गुलाब कोठारी, patrika.com, rajasthanpatrika.com

षोडशी-2

gulabkothari wrote 1 month ago: षोडषी अथवा स्वीट सिक्सटीन की अवधारणा इसलिए महत्वपूर्ण है कि जन्म के बाद प्रतिवर्ष एक-एक कला का पूर्ण … more →

Tags: spandan, गुलाब कोठारी, षोडशी-2, patrika, patrika.com, rajasthanpatrika.com

वेदना के नश्तर

gulabkothari wrote 1 month ago: लता मंगेशकर का नाम स्वयं में एवरेस्ट शिखर है। गायकी का पर्यायवाची बन गई हैं। करोडों लोग जिसकी प्रशंस … more →

Tags: Stambh, गुलाब कोठारी, वेदना के नश्तर, Lata Mangeshkar, patrika.com, rajasthanpatrika.com

भावनात्मक विकास

gulabkothari wrote 1 month ago:  समाज की इकाई है—परिवार और परिवार की इकाई है—व्यक्ति। व्यक्ति अच्छे होंगे तो परिवार भी अच्छा होगा। स … more →

Tags: Manas-1, गुलाब कोठारी, भावनात्मक विकास, Manas, patrika.com, rajasthanpatrika.com

षोडशी

gulabkothari wrote 2 months ago: हमारे देश में पौराणिक देवियों को षोडशी माना जाता है। कहा जाता है कि इनकी आयु सदा सोलह साल की ही रहती … more →

Tags: spandan, गुलाब कोठारी, षोडशी, patrika.com, rajasthanpatrika.com

सकारात्मक भाव

gulabkothari wrote 2 months ago: व्यक्ति का जीवन भावों के आधार पर चलता है। भाव ही जीवन का स्वरूप तय करते हैं, जीवन को गति प्रदान करते … more →

Tags: spandan, गुलाब कोठारी, सकारात्मक भाव, Manas, patrika.com, rajasthanpatrika.com

ज्ञान-कर्म-3

gulabkothari wrote 2 months ago: जीवन में व्यवहार के दो धरातल हैं। एक ज्ञान प्रधान और दो, क्रिया प्रधान। ज्ञान प्रधानता में- संकल्प, … more →

Tags: spandan, गुलाब कोठारी, ज्ञान-कर्म-3, patrika.com, rajasthanpatrika.com

ज्ञान-कर्म-2

gulabkothari wrote 2 months ago: ज्ञान और कर्म अलग नहीं हैं। सदा ही साथ रहते हैं। आनन्द- विज्ञान-मन-प्राण-वाक् (शरीर) से हमारे पंचकोश … more →

Tags: spandan, patrika.com, rajasthanpatrika.com, गुलाब कोठारी, ज्ञान-कर्म-2

सकारात्मक सोच

gulabkothari wrote 2 months ago: सकारात्मक होना या नकारात्मक होना केवल अभ्यास की बात है। जीवन में संस्कारों को तो आसानी से नहीं बदला … more →

Tags: Manas-1, गुलाब कोठारी, सकारात्मक सोच, Manas, patrika.com

जो जागा

gulabkothari wrote 2 months ago: गलतियों का पुतला है आदमी। भोलेपन में, प्रवाह में, आवेश में, नादानी में, हो सकती हैं गलतियां। क्या जर … more →

Tags: Poem, गुलाब कोठारी, जो जागा, patrika.com, rajasthanpatrika.com

ज्ञान-कर्म-1

gulabkothari wrote 2 months ago: वेवेद शब्द विद् धातु से बना है। इसका अर्थ है ज्ञान अथवा लाभ। ज्ञान का स्वरूप निर्घारण करने से पहले ज … more →

Tags: spandan, गुलाब कोठारी, ज्ञान-कर्म-1, patrika.com, rajasthanpatrika.com

सकारात्मक दृष्टि

gulabkothari wrote 2 months ago: जीवन में अच्छा या बुरा दृष्टि के आधार पर ही तय होता है। सृष्टि में सबका अर्थ समान है। सबकी बराबर उपय … more →

Tags: Manas-1, patrika.com, rajasthanpatrika.com, Manas, गुलाब कोठारी, सकारात्मक दृष्टि

आनन्द

gulabkothari wrote 2 months ago: जिसकी जीवन भर सबको तलाश रहती है उसी को आनंद कहते हैं। सम्पूर्ण सुख-समृद्धि का सूचक शब्द है। और सृष्ट … more →

Tags: spandan, आनन्द, गुलाब कोठारी, patrika.com, rajasthanpatrika.com


Have your say. Start a blog.

See our free features →

Related Tags
All →

Follow this tag via RSS