यूँ तो जाते हुए मैंने उसे रोका भी नही, प्यार उस से न रहा हो मुझे, ऐसा भी नही, मुझको मंजिल की कोई फ़िक्र नही है य रब, पर भटकता ही रहू जिस पे, वो रास्ता भी नही, मुन्तजिर मे भी किसी शाम नही था उसका, और वा… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 1 year ago: यूँ तो जाते हुए मैंने उसे रोका भी नही, प्यार उस से न रहा हो मुझे, ऐसा भी नही, मुझको मंजिल की कोई फ़िक … more →