गुलशन की फ़क़त फूलों से नहीं काटों से भी जीनत होती है, जीने के लिए इस दुनिया मे गम की भी ज़रूरत होती है, ऐ वाइज़-ऐ-नादान करता है तू एक क़यामत का चर्चा, यहाँ रोज़ निगाहें मिलती हैं यहाँ रोज़ क़यामत होती ह… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 1 year ago: गुलशन की फ़क़त फूलों से नहीं काटों से भी जीनत होती है, जीने के लिए इस दुनिया मे गम की भी ज़रूरत होती … more →