है लौ ज़िंदगी ज़िंदगी नूर है मगर इस पे जलने का दस्तूर है लौ ज़िंदगी कभी सामने आता मिलने उसे बड़ा नाम् उसका है मशहूर है है लौ ज़िंदगी ज़िंदगी नूर है मगर इस पे जलने का दस्तूर है लौ ज़िंदगी भवर पास है चल पहन ले… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 2 years ago: है लौ ज़िंदगी ज़िंदगी नूर है मगर इस पे जलने का दस्तूर है लौ ज़िंदगी कभी सामने आता मिलने उसे बड़ा नाम् उस … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: दिन कुछ ऐसे गुज़ारता है कोई जैसे अहसान उतारता है कोई। आईना दिख के तसल्ली हुई हमको इस घर में जानता है … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: सहमा सहमा डरा सा रहता है जाने क्यूँ जी भरा सा रहता है सहमा सहमा डरा सा रहता है इश्क में और कुछ नहीं … more →
Jaya wrote 3 years ago: Lyricist: GulzaarSinger: Jagjeet Singh दिन कुछ ऐसे गुज़ारता है कोईजैसे अहसान उतारता है कोई। आईना दिख … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: फुलों की तरह लब खोल कभी ख़ूश्बू की ज़ुबा मे बोल कभी अलफ़ाज़ परखता रेहता है आवाज़ हमारी तोल कभी अन्मोल नही … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: ज़िंदगी क्या है जानने के लिये ज़िंदा रहना बहुत जरुरी है आज तक कोई भी रहा तो नही सारी वादी उदास बैठी है … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: आप अगर इन दिनो यहाँ होते हम ज़मीन पर भला कहाँ होते आप अगर इन दिनो यहाँ होते वक़्त गुज़्रा नही अभी वरना … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: नज़र उठाओ ज़रा तुम तो क़ायनात चले, है इन्तज़ार कि आँखों से “कोई बात चले” || तुम्हारी मर्ज़ी ब … more →