इस साधना के लिए प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठ कर, स्नानादि करके, पीले या सफ़ेद आसन पर पूर्वाभिमुखी होकर बैठें| बाजोट पर पीला कपड़ा बिछा कर उसपर केसर से “ॐ” लिखी ताम्बे या स्टील की प्लेट रखें|… more →
साधना विचारbharateeya wrote 1 week ago: पुरा कस्मिंश्चित् देशे एकः क्रोधालुः राजा आसीत्। सः प्रायः क्रोधाकुलो भूत्वा अकर्तव्यानि कृत्वा अनन् … more →
pryas wrote 11 months ago: काशी में गंगा के तट पर एक संत का आश्रम था। एक दिन उनके एक शिष्य ने पूछा, ‘गुरुवर, शिक्षा का नि … more →
Nikhilashish wrote 1 year ago: इस साधना के लिए प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठ कर, स्नानादि करके, पीले या सफ़ेद आसन पर पूर्वाभिमुखी होक … more →