कूकट कूटै कन बिना, बिन करनी का ज्ञान। ज्यौं बन्दूक गोली बिना, भड़क न मरि आन।। संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते हैं कि बिना अनुभव के ज्ञान देना, चावल की भूसी कूटने के समान है। सुर नर मुनि सबको ठगै, मनहिं लिय… more →
दीपक भारतदीप की शब्दलेख-पत्रिकादीपक भारतदीप wrote 1 month ago: कूकट कूटै कन बिना, बिन करनी का ज्ञान। ज्यौं बन्दूक गोली बिना, भड़क न मरि आन।। संत शिरोमणि कबीरदास जी … more →
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: नीति विशारद चाणक्य कहते हैं कि ——————- अर्थार्थीतांश्चय ये शूद्र … more →