Blogs about: Haasy Kavita
श्रृंगार रस में आधुनिक कवितायें-हास्य कविता
दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: आया एक आशिक का ईमेल लिख था उसमें ‘‘दीप … more »
सुन्दर शब्द का सृजन, सबके नसीब नहीं होते
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दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: शब्द कभी स्वयं कभी बीभत्स नहीं होते ड … more »
जब शब्दों की जंग होती है
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: जब जंग शब्दों से होती है तब जीत अर्थों … more »
मन को झूठ के सहारे कब तक बहलायें
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दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: यूं ही कहीं देख लें बाग़ तो दिल मचल जात … more »
भीड़ में अपना अस्तित्व ढूँढता आदमी
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: अलग खडा नहीं रह सकता इसलिये भीड़ में श … more »
अगड़म-बगडम लिखते तो हिट हो जाते
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: पहले ब्लॉगर ने उसी मित्र से दूसरे ब्लॉ … more »
हास्य कविता -बीस का नोट पचास में नहीं चलेगा
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: बीस के शेर पचास में ढ़ेर जीतते हैं तो फु … more »
हास्य कविता -साधू, शैतान और इन्टरनेट
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: शैतान ने दी साधू के आश्रम पर दस्तक और क … more »
हास्य कविता -समस्याओं के जंगल में आन्दोलन
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दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: किसी के पास ज्ञान का किसी के पास विज्ञ … more »
समझौता ग़मों से, दोस्ती नगमों से कर लो
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: समझौता ग़मों से कर लो दोस्ती नगमों से … more »
हास्य कविता -विचारों का धंधा
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: एक विचारक पहुंचा दूसरे के पास और बोला … more »
हास्य कविता -फ्लॉप ब्लोगर और हिट कवि
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: एक कवि पहुंचा ब्लोगर के घर और बोला ‘य … more »
हास्य कविता -भूल गया अपना ज्ञान
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: एक बुद्धिमान गया अज्ञानियों के सम्मे … more »
हास्य कविता -कवि सम्मेलन में पहुंचा जब ब्लोगर
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: एक कवि सम्मेलन में मंच पर पहुंच गया ब् … more »
हास्य कविता -आदमी की पहचान
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: हाथी के दांत खाने के और दिखाने के और हो … more »
हास्य कविता -अल्पज्ञानी और कौवा
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: तीन मित्र पहुंचे एक पहुंचे हुए सिद्ध क … more »
हास्य कविता -भीड में भेड मत बनो
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: न तुम भेड़ बनो न भेडिया न बनो भीड़ का ह … more »
हास्य कविता -इस तरह वह शादी न हो सकी
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: मंडप में पहुंचने से पहले ही दूल्हे ने … more »
हास्य कविता -जब माया के रंग हो जाते बदरंग
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: गद्दे और तकिये में रुई की जगह नोट भरकर … more »
