पवनपुत्र हनुमान बड़े ही चिंतित दिखाई दे रहे थे। उनकी भावभंगिमा से वे किसी उहापोह में लगते थे। आकुल-व्याकुल से वे अपने प्रभु श्रीराम के पास पहुँचे तो उन्हें ऐसे बदहवास देख कर भगवान राम भी घबरा उठे। … more →
मालव संदेशaspundir wrote 2 months ago: श्री हनुमद्ष्टोत्तर-शत-नामावली ॐ आंजनेयाय विद्महे महाबलाय धीमहि तन्नो हनुमान प्रचोदयात् ॐ आंजनेयाय न … more →
दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: रहिमन धोखे भाव से, मुख से निकले राम पावत पूरन परम गति, कामादिक कौ धाम कविवर रहीम कहते हैं कि अगर धो … more →
अतुल शर्मा wrote 1 year ago: पवनपुत्र हनुमान बड़े ही चिंतित दिखाई दे रहे थे। उनकी भावभंगिमा से वे किसी उहापोह में लगते थे। आकु … more →