रोज़, यह बुझता नहीं शब, यह गलती नहीं बिन तेरे सब कुछ थम के रह गया है *दिन में रोशन… more →
विनय प्रजापति wrote 11 months ago: रोज़, यह बुझता नहीं शब, यह गलती नहीं बिन … more →
Tags: मेरी नज़्म, इश्क़, Love, light, Reminisce, प्यार, याद, रोशनी, मोहब्बत
Next →
Follow this tag via RSS