ख़यालों में जब तुम पास नही होते या पास होकर भी दूर होते हो तेरा ही ख़याल करती हूँ मैं पलकों के पर्दे पर तेरा चित्र बनाती उन में प्यार के रंग भर देती बेहोशी का आलम , मैं तुझ… more →
mehekmehhekk wrote 1 year ago: ख़यालों में जब तुम पास नही होते या पास होकर भी दूर होते हो तेरा ही ख़याल करती हूँ मै … more →
mehhekk wrote 1 year ago: इत्तेफ़ाक १. उन्ही लम्हों का तोहफा दिया जिन्हे हम दफ़ना चुके थे ख़ुदारा कसम से,तेरे ये इत्तेफ़ा … more →