हर एक घर में दीया भी जले अनाज भी हो, अगर न हो कही ऐसा तो एहतराज़ भी हो, हुकुमतो को बदलना तो कुछ मुहाल नही, हकुमाते जो बदलता है वह समाज भी हो, रहेगी कब तलक वादों में क़ैद खुशहाली, हर एक बार ही कल क्यों … more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 1 year ago: हर एक घर में दीया भी जले अनाज भी हो, अगर न हो कही ऐसा तो एहतराज़ भी हो, हुकुमतो को बदलना तो कुछ मुहा … more →