हर तरफ़ हर जगह बेशुमार आदमी फिर भी तनहाईयों का शिकार आदमी सुबह से श्याम तक बोझ ढाता हुआ अपनी ही लाश पर खुद मजार आदमी हर तरफ़ भागते दौडते रास्ते हर तरफ़ आदमी का शिकार आदमी रोज जीता हुआ रोज मरता हुआ हर नए … more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 3 years ago: हर तरफ़ हर जगह बेशुमार आदमी फिर भी तनहाईयों का शिकार आदमी सुबह से श्याम तक बोझ ढाता हुआ अपनी ही लाश प … more →