उठो उठो गोपाला पूरब में अरुण रथ आया ,लेकर किरनो का उजाला भोर हुई अब , उठो उठो गोपाला, मेरे नंदलला | जाग उठी है धरती सारी,जाग उठा चौपाला जागो तुम भी , उठो उठो गोपाला,मेरे नंदलला | दूध की नदी बहे , जागी… more →
mehekpabmohan wrote 1 year ago: “Five Point Someone” by Chetan Bhagat….this is the story I just read, and I just l … more →
mehhekk wrote 1 year ago: उठो उठो गोपाला पूरब में अरुण रथ आया ,लेकर किरनो का उजाला भोर हुई अब , उठो उठो गोपाला, मेरे नंदलला | … more →