Blogs about: Harivansh Rai Bachchan

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जीवन की आपाधापी में62 comments

Jaya wrote 2 years ago: जीवन की आपाधापी में कब वक़्त मिलाकुछ देर कहीं पर बैठ कभी यह सोच सकूँजो किया, कहा, माना उसमें क्या बु … more →

क्षण भर को क्यों प्यार किया था?20 comments

Jaya wrote 2 years ago: अर्द्ध रात्रि में सहसा उठकर, पलक संपुटों में मदिरा भर, तुमने क्यों मेरे चरणों में अपना तन-मन वार दिय … more →

किस कर में यह वीणा धर दूँ?

ssjha wrote 2 years ago: देवों ने था जिसे बनाया, देवों ने था जिसे बजाया, मानव के हाथों में कैसे इसको आज समर्पित कर दूँ? किस क … more →

Tags: कविता, हिन्‍दी, Ghazal, hindi, Poem

कवि की वासना4 comments

Jaya wrote 3 years ago: कह रहा जग वासनामय हो रहा उद्गार मेरा! 1 सृष्टि के प्रारम्भ में मैने उषा के गाल चूमे, बाल रवि के भा … more →

मधुबाला7 comments

Jaya wrote 3 years ago: 1 मैं मधुबाला मधुशाला की, मैं मधुशाला की मधुबाला! मैं मधु-विक्रेता को प्यारी, मधु के धट मुझपर बलिहा … more →


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