तोड़कर अहद-ए-करम नाआशना हो जाइये, बंदापरवर जाइये अच्छा ख़फ़ा हो जाइये, राह में मि… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 9 months ago: चुपके चुपके रात दिन आँसू बहाना याद है, … more →
Amarjeet Singh wrote 9 months ago: तोड़कर अहद-ए-करम नाआशना हो जाइये, बंदाप … more →
Amarjeet Singh wrote 9 months ago: रोशन जमाल-ए-यार से है अन्जुमन तमाम, दहक … more →
Amarjeet Singh wrote 9 months ago: अब तो उठ सकता नहीं आंखों से बार-ए-इन्तज़ … more →