चाह कर भी रूक नही सकता अमर वो वक़्त हूँ छाया मिले निज संसार मैं धूप खड़ा दरख़्त हूँ सब कुछ पाकर भी चैन कहा भागती है हसरते ज़ीले मन मर्जी न लौट ने वाला लम्हा फक़्त हूँ |… more →
mehekalishaminta wrote 4 months ago: When i lost my first love i felt to write my feeling in form of poem which written best of my though … more →
Roushan wrote 1 year ago: वो हमसे रूठे थी गलती हमारी या थी अदा उनकी हमने तो चाहा था साथ उनका पर वो छोड़ गये दे दिलासा हमने तो फ … more →
Roushan wrote 1 year ago: वो हमसे रूठे थी गलती हमारी या थी अदा उनकी हमने तो चाहा था साथ उनका पर वो छोड़ गये दे दिलासा हमने तो फ … more →
mehhekk wrote 1 year ago: चाह कर भी रूक नही सकता अमर वो वक़्त हूँ छाया मिले निज संसार मैं धूप खड़ा दरख़्त हूँ सब कुछ पाकर भी च … more →
mehhekk wrote 1 year ago: हाल-ए-दिल बयान कर रहे थे जब हम अपना पाक-ए-मोहोब्बत है तुमसे ये मान लिया होता | किसी भी हद्द से गुजर … more →
mehhekk wrote 1 year ago: हसरतो के कमल आओ आओ सखियों आओ,कुछ राज़ बताना चाहूं मैं दिल की बगिया में अब के ,नये गुल खिलाना चाहूं … more →
mehhekk wrote 1 year ago: तेरी पायल की रुनझुन दिल में हलचल कराती है दिल में मीठे सुर सज़ाती है दिल से गीत सुनाती है दिल को महफ … more →