Blogs about: Hasya Kahani

शराब पीकर पिटा तो हीरो हो जायेगा -व्यंग्य कविता1 comment

दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: पड़ौसन ने कहा उस औरत से ‘तुम्हारा आदमी रात को रोज शराब पीकर आता है पर तुम कुछ नहीं कहती वह आराम से … more →

Tags: दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, व्यंग्य, शब्द, हास्य व्यंग्य, हिन्दी पत्रिका, bharat, Blogger

आंखों से परे का आकर्षण-हास्य व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: पता नहीं कब कैसे इस देश में यह परंपरा शुरू हुई कि बाहर से जब तक आदमी प्रमाण पत्र नहीं मिले उसे घर मे … more →

Tags: Blogroll, inglish, संपादकीय, हास्य व्यंग्य, व्यंग्य, साहित्य, Education, Friends, Blogging

दूसरे की लड़की के भागने की फिक्र-लघुकथा 10 comments

दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: ‘अरी, सुनती हो 13 नंबर वालों की लड़की भाग गयी’ ‘किसके साथ’’ ‘अरे, भागी किसके साथ होगी? तुम्हारे अंदर … more →

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सड़क पर बेकार चलने वालों का संरक्षण जरूरी-व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: मैं बेकार हूं और आगे भी कार खरीदने की कोई संभावना नहीं है। इसलिये जिस तरह सड़को पर कारों की संख्या … more →

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जैसा कहते हैं वैसा लिख, जैसा समझाते हैं वैसा दिख -हास्य व्यंग्य 2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: अंतर्जाल पर कुछ हिंदी ब्लाग लेखक एग्रीगेटरों पर हिट्स और टिप्पणियों के आगे कुछ सोच नहीं पाते और इनमे … more →

Tags: inglish, अभिव्यक्ति, संपादकीय, हास्य व्यंग्य, व्यंग्य, India, bharat, अनुभूति, हिंदी साहित्य

पास के विद्वान भी बैल बन जाते-हास्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: आया फंदेबाज और बोला ‘दीपक बापू मैं हीरो का ब्लाग पढ़कर आया हिंदी तो ढंग से पढ़ना नहीं आती पर उसका अ … more →

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फिर कभी मोबाइल नहीं होगा खराब-हास्य कविता2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: सारा दिन कान से मोबाइल चिपका कर प्रेम की बातें करने वाले प्रेमी के कान हो गये  खराब कभी आवाज आती तो … more →

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राय अपनी अपनी-हास्य व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: हम घर से बाहर निकल कर जैसे सायकल से सड़क पर आये तो  एक सज्जन मिल गये और  हमसे बोले-‘कहां जा रहे हो।’ … more →

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यह माया का चक्र तो चलता रहेगा-हास्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: फंदेबाज आया मूंह लटकाते हुए आया और रुंआसा मूंह बनाकर बोला ‘अब तो खुलेआम होने लगा है सट्ठा इसलिये हो … more →

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खुलकर लिखने की इच्छा पूरी हो गयी-हास्य कविता2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: टूटा हाथ लेकर आया फंदेबाज तो पूछने पर बताया- ‘दीपक बापू, कल रात हमने सपने में देखा आपको ब्लाग के लिय … more →

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कोई स्टार तो कोई फ्लाप ब्लागर-हास्य व्यंग्य2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: ब्लागर पार्क में दोनों ब्लागर प्रतिदिन सुबह लड़ते थे। एक कहता कि ‘मैं  हिंदी का सबसे बड़ा ब्लागर’ तो … more →

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दोस्त को कई रूपों में आने का हक होता-हास्य कविता1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: भतीजे को साथ लेकर आया फंदेबाज और बोला-‘‘दीपक बापू इस आवारा को भी कुछ अंतर्जाल का काम सिखा दो तीस का … more →

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‘तुम्हारे भाग्य में हिट ब्लागर होना नहीं लिखा’-हास्य व्यंग्य3 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: ब्लागर अपने घर पर सो रहा था कि दूसरा ब्लागर आ पहुंचा। उसने घंटी बजाई तो गृहस्वामिनी ने दरवाजा खोला। … more →

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सब मिल गया फिर उन्हें और क्या चाहिए-हास्य व्यंग्य 7 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: वह क्रिकेट खेले और विश्व कप जीतकर प्रतिष्ठा का वह इतना शिखर छू लें-जो एक आदमी के लिए दिवास्वप्न हो। … more →

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विश्वास की सजा धोखा कर दे जाते-कविता साहित्य

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: शादी में शराब पीकर नृत्य करते हुए ऊपर गालिया दागते हुए लोग बन्दर जैसे नजर आते और बन्दर कहो तो चिढ जा … more →

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चजई-ब्लोगर रतन और खंजर 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: रतन-रतन कर सब उसे लेने एक बाग़ की तरह भागे जा रहे थे कहीं लगी दो ब्लोगरों को यह खबर अपने स्थाई टिप … more →

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ब्लोगर गया अपने गुरु के पास 2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: एक ब्लोगर पहुचा अपने गुरु के पास और चढाया प्रसाद उनकी कृपा होने पर गुरु बहुत खुश हुए और हालचाल पूछे … more →

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दादा-पोते की राजनीति और मनोरंजन 2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: पोता घर में घुसा तो दादा ने पूछा ‘क्या देखकर आया रिजल्ट आ गया न’ पोता बोला ”हाँ … more →

Tags: Blogroll, कविता, inglish, शायरी, हास्य व्यंग्य, व्यंग्य, bharat, शेर, अनुभूति

काश! ब्लोग नहीं बनाता 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: प्रेयसी और प्रियतम दोनों अकेले चैट करते हो गए थे बोर दोनों खुश नहीं थे इस बात से कि उनके इश्क के जम … more →

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