ये गाना कॉलेज टाइम में अपने Back Bencher साथियों के लिए लिखा था जिसे आज यहाँ प्रकाशित कर रहा हूँ. सबको तो नहीं कह सकता पर कुछ लोग को ये जरुर पसंद आएगी देर से उठते हम यारों कभी जाते नहीं नहा के ज्यादा … more →
ApurnShubhashish Pandey wrote 11 months ago: ये गाना कॉलेज टाइम में अपने Back Bencher साथियों के लिए लिखा था जिसे आज यहाँ प्रकाशित कर रहा हूँ. सब … more →
Shubhashish Pandey wrote 1 year ago: (अपने बी.टेक. फाइनल इयर में जब मैंने ये कविता लिखी थी उस वक़्त unicode जैसी सहूलियत नहीं थी इसलिए मे … more →
Shubhashish Pandey wrote 1 year ago: फोर्थ इयर में आ के जिदगी हो गई जंजाल है, मेरे बिन गर्ल-फ्रेंड के यारों का, हो गया बुरा हाल है, आपने … more →
Shubhashish Pandey wrote 1 year ago: जमाने के सितम ने कर दिया बहुत बुरा हाल है, इंजीनियरिंग कॉलेज में जूली का ये चौथा साल है, यूँ तो क्ला … more →