Shubhashish Pandey wrote 1 year ago: 1) सन सन कर के दौड़ रहा है जब से ये सेंसेक्स, हर गली मोहल्ले खुल गए नए शोपिंग कॉम्प्लेक्स, अब सब के … more →
Shubhashish Pandey wrote 1 year ago: 1) मायूसी भरे होते हैं हालात, आसुओं से बरसते हैं जज्बात, किसी और से बिछड़ के भी शायद न रोते, पर कैसे … more →