बहुत उदास-सी एक शाम बैठी है मेरे साथ अपने ख़ामोश लबों से कह देती है अनकही बातें दोनों बहुत देर तक बैठे रहते हैं एक साथ दोनों ऐसे ही रोज़ दिल का बोझ हल्का करते हैं वो चाँद की बात करती है मैं तुम्हारी बा… more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 2 years ago: बहुत उदास-सी एक शाम बैठी है मेरे साथ अपने ख़ामोश लबों से कह देती है अनकही बातें दोनों बहुत देर तक बै … more →