hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: मेरे आशियाने में , तेरी कसम तेरी ही कमी थी । थे चांद तारे , खुदा और तेरी तस्वीरें लगी थी । बहुत कम … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: मेरे आशियाने में , तेरी कसम तेरी ही कमी थी । थे चांद तारे , खुदा और तेरी तस्वीरें लगी थी । बहुत कम … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: उदास रात की कोई सुबह हसीन नहीं । नहीं आँसमां मेरा ,मॆरी कहीं ज़मीन नहीं । मैं खूशबू बन के हवा में नही … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: उदास रात की कोई सुबह हसीन नहीं । नहीं आँसमां मेरा ,मॆरी कहीं ज़मीन नहीं । मैं खूशबू बन के हवा में नही … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: आज से एक साल पहले मैंने २ comments करी थी २ ब्लोगस पर , हिन्दी कैसे लिखूँ ब्लोग पर ? मेरे ब्लोग http … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: आज से एक साल पहले मैंने २ comments करी थी २ ब्लोगस पर , हिन्दी कैसे लिखूँ ब्लोग पर ? मेरे ब्लोग http … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: मदमस्त हवा में मस्त हुआ मैं लहरो सा उछल रहा था । कल जब अपने घर के बहार राहों से य़ूँ ही गुजर रहा था । … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: मदमस्त हवा में मस्त हुआ मैं लहरो सा उछल रहा था । कल जब अपने घर के बहार राहों से य़ूँ ही गुजर रहा था । … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: कुछ रंगो को तुलिका की ज़रूरत नहीं होती हर बात को कहने के लिए जुबां की ज़रूरत नहीं होती हम वो राही … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: कुछ रंगो को तुलिका की ज़रूरत नहीं होती हर बात को कहने के लिए जुबां की ज़रूरत नहीं होती हम वो राही … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: हंसी खुशी ,रिश्ते नाते ,एहसास दोस्ती से मिल कर बनी कविता हूँ मैं , जो अपनी होकर भी , बुरी लगे , एक ऎ … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: हंसी खुशी ,रिश्ते नाते ,एहसास दोस्ती से मिल कर बनी कविता हूँ मैं , जो अपनी होकर भी , बुरी लगे , एक ऎ … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: नए रगों से हुई फिर यारी, खिल गई हर फुलवारी, भूल ले बीते पतझड़ को, शुरू नए सृजन की तैयारी। हर ओर खिली … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: नए रगों से हुई फिर यारी, खिल गई हर फुलवारी, भूल ले बीते पतझड़ को, शुरू नए सृजन की तैयारी। हर ओर खिली … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: एक गीत बेख़बर जिंदगी से जी रहे थे के तुम आ गये | कहुँ कैसे मरे जा रहे थे के तुम आ गये | हे मजिंल क … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: एक गीत बेख़बर जिंदगी से जी रहे थे के तुम आ गये | कहुँ कैसे मरे जा रहे थे के तुम आ गये | हे मजिंल क … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: बहुत दु:ख के साथ सूचित कर रही हूं कि मेरी अम्मा ( नानी ) का शनिवार रात्रि 12 जनवरी 2008 , देहांत हो … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: बहुत दु:ख के साथ सूचित कर रही हूं कि मेरी अम्मा ( नानी ) का शनिवार रात्रि 12 जनवरी 2008 , देहांत हो … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: मैने ब्लॉग लिखना March 2007 में शुरू किया था | अब तक 54 पोस्ट की हैं और 347 प्रतिक्रिया मिली हैं | ब … more →