मेरा दीवाना दिल धड़कता है, तेरे लिए पल-पल चोरी-चोरी तड़पता है, तेरे लिए जीता है तेरे लिए, मरता है तेरे लिए सामने तेरा आना, शरमाना, नज़रें चुराना उफ़! तेरी हर तिरछी क़ातिल अदा पर मेरा फ़िदा हो जाना, कुछ न … more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 1 year ago: मेरा दीवाना दिल धड़कता है, तेरे लिए पल-पल चोरी-चोरी तड़पता है, तेरे लिए जीता है तेरे लिए, मरता है ते … more →