दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: मनु महाराज कहते है कि ————— न हायनैर्न पालितैर्न वित्तेन न बंधुभिः । ऋ … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: जीवनां मृतवन्मन्ये देहिनं धर्मवर्जितम् मृतो धर्मेण संयुक्तो दीर्घजीवन न संशयः धर्म रहित प्राणी जीवित … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: पिछले वर्ष होली का लिखा चिंतन कल मैंने अपने एक ब्लोग पर छापा तो आज कोई दूसरा चिंतन लिखने का मन ही न … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: पर्वत तो बहुत हो सकते हैं किन्तु यह आवश्यक होना कदापि नहीं हो सकता कि प्रत्येक पर्वत पर माणिक्य उपल … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: सभी औषधियों में रसायन गिलोय सबसे अच्छा है, सभी सुखों में सबसे श्रेष्ठ सुख भोजन पाना है, ज्ञानेन्द … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: मनुष्य को चार गुण मुर्गे से ग्रहण करना चाहिए-समय पर जागना, युद्ध की ललकार के लिए तत्पर रहना, खाते स … more →