Blogs about: Hindi Bhasakar

लिखने और प्रयोग करने में क्या हर्ज है- व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 7 hours ago: बहुत दिन से लोगों ने ऐसी हिंदी लिखी नह … more »

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, मस्तराम, व्यंग्य, समाज, साहित्य, हिन्दी पत्रिका, Blogging

इंसान तो कठपुतली है-हास्य कविता2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 day ago: आदमी के पंख नहीं होते जो वह आसमान में उ … more »

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, कविता, मस्तराम, व्यंग्य, शायरी, शेर, समाज, साहित्य

गरीबों का खाना सहता कौन है? हास्य व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: अमेरिका के राष्ट्रपति जार्जबुश ने कह … more »

Tags: अभिव्यक्ति, आलेख, ईरान, मस्तराम, विकिपीडिया, समाज, साहित्य, हिन्दी पत्रिका, Blogging

क्रिकेट में अब देशप्रेम का सुख नहीं उठाते-हास्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: आया फंदेबाज और बोला ‘क्या दीपक बापू कि … more »

Tags: अभिव्यक्ति, जजबात, व्यंग्य, शायरी, शेर, समाज, साहित्य, हास्य, हिन्दी शायरी

आठ साल की बच्ची का हाथ कैसे कुचला जा सकता है-आलेख 3 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: आज श्री सुरेश चिपलूनकर जी ने कुछ फोटो … more »

Tags: अभिव्यक्ति, ईरान, कला, समाज, साहित्य, हिन्दी पत्रिका, Blogging, Blogroll, Bloroll

तब तक बहुत देर हो जायेगी-हास्य कविता 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: हर शाख पर उल्लू बिठा दो जब बिजली चली जा … more »

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, कविता, जजबात, व्यंग्य, शायरी, शेर, समाज, साहित्य

बंधे सबके अपनी मजबूरी से हाथ-हिन्दी शायरी

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: यूं दर्द बांटने चले थे जमाने के साथ शा … more »

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, कला, कविता, व्यंग्य, शायरी, संस्कार, समाज, साहित्य

मानसिक गुलामी किसी को दिखाई नहीं देती-आलेख 3 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: मनोरंजन के नाम पर जिस तरह के कार्यक् … more »

Tags: आलेख, कला, समाज, हिन्दी पत्रिका, Blogging, Blogroll, Deepak bharatdeep, hindi epatrika, Hindi friends

जो बडे हैं वह कभी संयम नहीं गंवाते-हास्य कविता 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: आया फंदेबाज और बोला ”क्या दीपक बापू … more »

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एक ढूंढो हजार मूर्ख मिलते हैं-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: कल बिहार में एक स्थान पर एक महिला को ज … more »

Tags: अध्यात्म, अभिव्यक्ति, आलेख, कला, संस्कार, समाज, हिन्दी पत्रिका, Blogging, Blogroll

देशी कुत्तों की तस्करी की खबर सुनकर आयी मुझे अपने कुत्ते की याद-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: देशी कुतों की तस्करी भी हो सकती है कि य … more »

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होली के दिन सबका चरित्र बदल जाता है-हास्य कविता 2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: घर से नेकर और कैप पहनकर निकले घर से बाह … more »

Tags: कला, व्यंग्य, शायरी, शेर, संस्कार, समाज, साहित्य, हास्य, हास्य व्यंग्य

संत कबीर वाणी:मुहँ में डाले तेल से आंखों देखा घी भला 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: आंखों देखा घी भला, ना सुख मेला तेल साधू … more »

Tags: अध्यात्म, आलेख, समाज, साहित्य, हिन्दी पत्रिका, Blogging, Blogroll, Deepak bharatdeep, dohe

संत कबीर वाणी:जैसा भोजन और पानी वैसा मन और वाणी 2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: आवत गारी एक है, उलटत होय अनेक कहैं कबीर … more »

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रहीम के दोहे:कलारी वाले के हाथ में दूध भी मदिरा लगता है2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: रहिमन नीचन संग बसि, लगत कलंक न काहि दूध … more »

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नंबर वन और टू का खेल-हास्य व्यंग्य 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: मुझे कल ही लग रहा था कि कोई चालाकी है और … more »

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अपने मुहँ से अपनी तारीफ़-हास्य व्यंग्य 3 comments

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: अब दो फिल्म अभिनेताओं में झगडा शुरू ह … more »

Tags: Blogroll, hindi kahani, Hindi hasya, hindi natak, hindi journlism, hindi web, hindi epatrika, web duniya, web dunia

हॉकी में ओलंपिक से बाहर होने के मायने-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: ओलंपिक में भारत की हॉकी टीम नहीं होगी। … more »

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सुनने से पहले ही लोग भूल जाते बात-कविता 2 comments

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: पहले तोड़कर फिर जोड़ने की बात पहले रुल … more »

Tags: व्यंग्य, शेर, समाज, साहित्य, हास्य कविता, हिन्दी शायरी, हिन्दी शेर, Blogging, Deepak bharatdeep


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