Blogs about: Hindi Bhasakar
लिखने और प्रयोग करने में क्या हर्ज है- व्यंग्य
दीपक भारतदीप wrote 7 hours ago: बहुत दिन से लोगों ने ऐसी हिंदी लिखी नह … more »
इंसान तो कठपुतली है-हास्य कविता
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दीपक भारतदीप wrote 1 day ago: आदमी के पंख नहीं होते जो वह आसमान में उ … more »
गरीबों का खाना सहता कौन है? हास्य व्यंग्य
दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: अमेरिका के राष्ट्रपति जार्जबुश ने कह … more »
क्रिकेट में अब देशप्रेम का सुख नहीं उठाते-हास्य कविता
दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: आया फंदेबाज और बोला ‘क्या दीपक बापू कि … more »
आठ साल की बच्ची का हाथ कैसे कुचला जा सकता है-आलेख
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दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: आज श्री सुरेश चिपलूनकर जी ने कुछ फोटो … more »
तब तक बहुत देर हो जायेगी-हास्य कविता
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दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: हर शाख पर उल्लू बिठा दो जब बिजली चली जा … more »
बंधे सबके अपनी मजबूरी से हाथ-हिन्दी शायरी
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: यूं दर्द बांटने चले थे जमाने के साथ शा … more »
मानसिक गुलामी किसी को दिखाई नहीं देती-आलेख
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दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: मनोरंजन के नाम पर जिस तरह के कार्यक् … more »
जो बडे हैं वह कभी संयम नहीं गंवाते-हास्य कविता
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दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: आया फंदेबाज और बोला ”क्या दीपक बापू … more »
एक ढूंढो हजार मूर्ख मिलते हैं-आलेख
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: कल बिहार में एक स्थान पर एक महिला को ज … more »
देशी कुत्तों की तस्करी की खबर सुनकर आयी मुझे अपने कुत्ते की याद-आलेख
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: देशी कुतों की तस्करी भी हो सकती है कि य … more »
होली के दिन सबका चरित्र बदल जाता है-हास्य कविता
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दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: घर से नेकर और कैप पहनकर निकले घर से बाह … more »
संत कबीर वाणी:मुहँ में डाले तेल से आंखों देखा घी भला
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दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: आंखों देखा घी भला, ना सुख मेला तेल साधू … more »
संत कबीर वाणी:जैसा भोजन और पानी वैसा मन और वाणी
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दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: आवत गारी एक है, उलटत होय अनेक कहैं कबीर … more »
रहीम के दोहे:कलारी वाले के हाथ में दूध भी मदिरा लगता है
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दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: रहिमन नीचन संग बसि, लगत कलंक न काहि दूध … more »
नंबर वन और टू का खेल-हास्य व्यंग्य
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दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: मुझे कल ही लग रहा था कि कोई चालाकी है और … more »
अपने मुहँ से अपनी तारीफ़-हास्य व्यंग्य
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दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: अब दो फिल्म अभिनेताओं में झगडा शुरू ह … more »
हॉकी में ओलंपिक से बाहर होने के मायने-आलेख
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: ओलंपिक में भारत की हॉकी टीम नहीं होगी। … more »
सुनने से पहले ही लोग भूल जाते बात-कविता
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दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: पहले तोड़कर फिर जोड़ने की बात पहले रुल … more »
