Blogs about: Hindi Bhasha
चाणक्य नीतिःसंपत्ति वही जो सभी के काम आये
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दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: किं तया क्रियते लक्ष्य्या या वधूरिव क … more »
मनुस्मृतिःईमानदारी से धन कमाना ही है सबसे बड़ी पवित्रता
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दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: सर्वैषामेव शौचानामर्थशौचं परं स्मृत … more »
मनुस्मृतिःविषयी लोग कभी सिद्ध नहीं होते
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दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: इंद्रिवाणां प्रसङगेन दोषमृच्छ्रत्य … more »
मनुस्मृति:अपनी इच्छाओं के दास नही स्वामी बनें
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: न जातु कामा कामानामुपभोगेन शाम्यति ह … more »
चाणक्य नीति:दुष्ट राजा की सेवा से मन को होता है कष्ट
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: 1.ऐसा व्यक्ति अविश्वसनीय होता है ज … more »
चाणक्य नीति:सभी वनों में चन्दन वृक्ष नहीं होते
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दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: पर्वत तो बहुत हो सकते हैं किन्तु यह आव … more »
चाणक्य नीति:इस अस्थिर संसार में धर्म ही अपना होता है
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दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: १.शास्त्रों की संख्या अनन्त, ज्योतिष,आ … more »
चाणक्य नीति:प्रेम में चालाकी करने वाले सुखी
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दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: १. नीच प्रवृति के लोग दूसरों के दिलों … more »
दिल का राज, सिर का ताज -हिन्दी शायरी
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: अपने दिल में ही बने रहें राज बस वही राज … more »
चाणक्य नीति:संसार में धन का आना-जाना लगा रहेगा
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: 1.मन की शुद्ध भावना से यदि लकड़ी, पत्थ … more »
चाणक्य नीति:अस्थिर चित्त वाले व्यक्ति में सदभावना नहीं रहती
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दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: १.अर्थ कार्यों का मूल होता है राज्यश् … more »
चाणक्य नीति:कपटी मनुष्य के हर अंग में विष होता है
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दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: १.इस संसार में कुछ प्राणियों के किसी व … more »
चाणक्य नीति-जरूरत हो तो दिखावा भी करें
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दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: सर्प के मुख में विष न हो तो भी वह अपना फ … more »
अपनी मनस्थिति के अनुसार लिखता है आदमी-आलेख
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: हिन्दी बृहद भारत की एक मात्र भाषा है औ … more »
रहीम के दोहे:गोत्र की वृद्धि पर हिरन भी उछलते हैं
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दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: रहिमन ठहरी धूरि की, रही पवन ते पुरि गाँ … more »
विदुर नीति:धनियों में नहीं होती भोजन करने की शक्ति
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: १.संसार में धनियों को प्राय: भोजन करने … more »
रहीम के दोहे:व्यक्ति के अवगुण नष्ट नहीं होते
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: रहिमन रीति सराहिए, जो घाट सुन सम होय भा … more »
संत कबीर वाणी:कुल के अंहकार का भाव भक्ति में बाधक
दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: कुल खोये कुल उबरै, कुल राखै कुल जाय राम … more »
संत कबीर वाणी:कितना भी कष्ट हो मूर्ख से मित्रता न करें
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दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: गिरिये परवत शिखर ते, परिये धरनि मंझार … more »
