Blogs about: Hindi Friends
लिखने और प्रयोग करने में क्या हर्ज है- व्यंग्य
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दीपक भारतदीप wrote 1 day ago: बहुत दिन से लोगों ने ऐसी हिंदी लिखी नह … more »
महिला बुद्धिजीवी सम्मेलन-हास्य व्यंग्य
दीपक भारतदीप wrote 3 days ago: सम्मेलनों के आयोजने करने के आदी लोगों … more »
चाणक्य नीतिःतपस्या से असंभव भी हो जाता हैं संभव
दीपक भारतदीप wrote 3 days ago: जीवनां मृतवन्मन्ये देहिनं धर्मवर्जि … more »
अंग्रेजी नाम, हिंदी नाम-आलेख
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दीपक भारतदीप wrote 4 days ago: अंतर्र्जाल पर हिंदी लिखते हुए मुझे एक … more »
मोबाइल मोहब्बत हो गई-हास्य कविता
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दीपक भारतदीप wrote 5 days ago: प्रेमी ने प्रेमिका के मोबाइल की घंटी ब … more »
चाणक्य नीतिःसंपत्ति वही जो सभी के काम आये
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दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: किं तया क्रियते लक्ष्य्या या वधूरिव क … more »
रहीम के दोहेःपरोपकार करने वाले को बीच में मत छोड़ो
दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: रहिमन पर उपकार के, करत न यारी बीच मांस द … more »
मनुस्मृतिःईमानदारी से धन कमाना ही है सबसे बड़ी पवित्रता
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दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: सर्वैषामेव शौचानामर्थशौचं परं स्मृत … more »
मनुस्मुतिःस्त्रियों का सम्मान न हो तो शुभकर्मों का फल भी नहीं मिलता
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दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: पिर्तभिभ्रौतृभिश्चैता पतिभिदैवरैस … more »
क्रिकेट में अब देशप्रेम का सुख नहीं उठाते-हास्य कविता
दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: आया फंदेबाज और बोला ‘क्या दीपक बापू कि … more »
मनुस्मृतिःपरिवार के लिये धन पूरा हो तभी सोमयज्ञ करें
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दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: यस्यं त्रैवाषिक्र भक्तं पर्याप्तं भृ … more »
आठ साल की बच्ची का हाथ कैसे कुचला जा सकता है-आलेख
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दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: आज श्री सुरेश चिपलूनकर जी ने कुछ फोटो … more »
तब तक बहुत देर हो जायेगी-हास्य कविता
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दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: हर शाख पर उल्लू बिठा दो जब बिजली चली जा … more »
बंधे सबके अपनी मजबूरी से हाथ-हिन्दी शायरी
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: यूं दर्द बांटने चले थे जमाने के साथ शा … more »
हमने भी कुछ खोया नहीं-हिन्दी शायरी
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: अपनी राह चलते जाना है कहीं फूल बरसेंगे … more »
मानसिक गुलामी किसी को दिखाई नहीं देती-आलेख
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दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: मनोरंजन के नाम पर जिस तरह के कार्यक् … more »
जो बडे हैं वह कभी संयम नहीं गंवाते-हास्य कविता
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दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: आया फंदेबाज और बोला ”क्या दीपक बापू … more »
एक ढूंढो हजार मूर्ख मिलते हैं-आलेख
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: कल बिहार में एक स्थान पर एक महिला को ज … more »
विदुर नीति:अधर्म से प्राप्त धन छिपाने से अन्य दोष भी प्रकट होते हैं
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: १. अधर्म से प्राप्त हुए धन के द्वारा जो … more »
