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Blogs about: Hindi Gyan

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भर्तृहरि नीति शतक-कविताओं से बहकाया जाता है (hindi santdesh-kavitavon se bharam

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: भर्तृहरि महाराज कहते हैं कि ————————- सत्यत्वे न शशा … more →

Tags: अध्यात्म, अनुभूति, अभिव्यक्ति, आध्यात्म, आलेख, मस्तराम, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, Deepak bapu

धार्मिक भेदभाव की शिकायत बेमानी-आलेख Meaningless complain of religious discrimination - hindi articles

दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: जहां तक नस्ल, जाति, भाषा और धर्म के आधार पर भेदभाव का प्रश्न है तो यह एक विश्वव्यापी समस्या है। इसे … more →

Tags: hindi Personal, Hindi Darshan, Hindu darshan, Hindu culture, bharat, hindi duniya, web duniya, hindi chating, hindi megzine

संत कबीर वाणी-मूर्ख लोग सभी की पीड़ा एक समान नहीं मानते

दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: पीर सबन की एकसी, मूरख जाने नांहि अपना गला कटाक्ष के , भिस्त बसै क्यौं नांहि संत शिरोमणि कबीरदास जी क … more →

Tags: alekh, आलेख, चिंतन, दीपक भारतदीप, मस्त राम, मस्तराम, bharat, Deepak bharatdeep, dharm

मनु स्मृति: जो कार्य हृदय को कष्ट दे उसे न करें

दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: १.जो कार्य दूसरों के अधीन रहकर ही किये जा सकते हैं उनको पूरी तरह त्याग देना ही श्रेयस्कर है, तथा अपन … more →

Tags: hindi Personal, Hindi Education, Hindi online journalism, Hindi knowledge, Hindi writing, Hindi Darshan, India, hindi bharat, hindi duniya

भृतहरि शतकःदुरुपयोग से धन क्षीण होने लगता है1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: दौर्मन्त्र्यान्नृपतिर्विनष्यति यतिः सङगात्सुतालालनात् विप्रोऽन्ध्ययनात्कुलं कुतनयाच्छीलं खलोपासनात् … more →

Tags: Blogroll, Hindi Education, Hindi writing, Hindi Darshan, Hindu darshan, Hindi art, Hindu culture, India, hindu dharm

रहीम के दोहेःलोगों के दिल को ठंडक देने वाला राजकाज प्रशंसनीय1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: रहिमन राज सराहिए ससिसम सुखद जो होय कहा वापुरी भानु है, तपैं तरैवन खोय कविवर रहीम कहते है की उसी राज् … more →

Tags: Hindi Education, Hindi online journalism, Hindi writing, Hindu darshan, India, bharat, hindi india, hindu dharm, web duniya

आसन और प्राणायाम सिखाने वाले शिक्षक अध्यात्म गुरू की श्रेणी में नहीं आते-आलेख2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: भारतीय योग एक प्राचीनतम विद्या मानी जाती है जिसके जनक महर्षि पतंजलि हैं। यह एक बृहद विषय है और भगवान … more →

Tags: अध्यात्म, अभिव्यक्ति, आलेख, कला, समाज, सूचना, हिंदी पत्रिका, Deepak bharatdeep, Global dashbord

भृतहरि शतकःस्वर्ग का विचार करना ही व्यर्थ

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: स्वपरप्रतारकोऽसौ निन्दति योऽलीकपण्डितो युवतीः यस्मात्तपसोऽपि फलं स्वर्गस्तयापि फलं तथाप्सरसः हिंदी म … more →

Tags: Blogroll, hindi Personal, Hindi Education, Hindi friends, Hindi online journalism, Hindi writing, Hindi Darshan, Hindu darshan, India

रहीम के दोहे-प्रेम मे टेढ़ी चाल न चलें

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: फरजी सह न ह्म सकै गति टेढ़ी तासीर रहिमन सीधे चालसौं, प्यादा होत वजीर कविवर रहीम कहते हैं कि प्रेम मे … more →

Tags: Blogroll, hindi Personal, Hindi Education, Hindi online journalism, Hindi knowledge, Hindi writing, Hindu darshan, India, hindi bharat

रहीम के दोहे-दीनता के भाव बिना भक्ति का आनंद नहीं मिलता

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: दादुर, मोर, किसान मन, लग्यो रहैं धन माहिं रहिमन चातक रटनि हूँ, सर्वर को कोऊ नाहिं कविवर रहीम कहते है … more →

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रहीम के दोहेःपशुओं की टांग खाने पर दवा भी लेनी पड़ती है2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: रहिमन राम न उर धरै, रहत विषय लपटाय पसु खर खात सवाद सों, गुर बुलियाए खाय कविवर रहीम कहते है कि लोग तो … more →

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संत कबीर वाणी:पढ़ना लिखना ही दुःख का मूल कारण1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: पढ़ै गुनै सीखै सुनै, मिटी न संसे सूल कहैं कबीर कासों कहूं, ये ही दुख का मूल संत शिरोमणि कबीरदास जी क … more →

Tags: Blogroll, hindi Personal, Hindi friends, Hindi online journalism, Hindi knowledge, Hindi writing, Hindi Darshan, Hindu darshan, Hindu culture

समय समय की बात है-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: उस दिन भारत ने पाकिस्तान को क्रिकेट मैच में हरा दिया तो सारे प्रचार माध्यम जनता को बहलाने फुसलाने मे … more →

Tags: inglish, अभिव्यक्ति, संपादकीय, हास्य व्यंग्य, व्यंग्य, India, अनुभूति, चिन्तन, हिंदी साहित्य

खून की तरह दर्द भी बेचते हैं लोग-हिन्दी शायरी 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: शहर का गुलशन उन्होंने उजाड़ कर अपने पत्थरों का घर सजा लिया जब हवाओं ने दिया धोखा तो साँसों का सिलेंड … more →

Tags: arebic, अभिव्यक्ति, कला, कविता, चिन्तन, दीपक भारतदीप, मस्तराम, व्यंग्य, शब्द

रहीम के दोहेःहमारे शरीर में विपत्तियां सहने की क्षमता होती है अधिक

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: जसी परै सो सहि रहै, कहि रहीम यह देह धरती पर ही परत है, शीत घाम और मेह कविवर रहीम कहते हैं कि इस मानव … more →

Tags: Blogroll, hindi Personal, Hindi Education, Hindi friends, Hindi online journalism, Hindi writing, Hindu darshan, Hindu culture, India

रहीम के दोहे: मनुष्य को आत्मसम्मान के साथ जीना चाहिए

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: मान सहित विष खाय के, संभु जगदीस बिना मान अमृत पिये, राहु कटायी सीस कविवर रहीम कहते हैं कि सम्मान के … more →

Tags: Blogroll, hindi Personal, Hindi friends, Hindi online journalism, Hindi writing, Hindi Darshan, Hindu darshan, bharat, hindi duniya

आखिर इसमें खास क्या है-व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: जहां तक मेरी जानकारी है खबर में यही था कि अमेरिका में राष्ट्रपति पद उम्मीदवार ओबामा अपनी जेब में रखन … more →

Tags: arebic, अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, कला, दीपक भारतदीप, भारत, मस्तराम, संवेदना

कभी उजड़ता तो कभी महकता है चमन-कविता4 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: जिनको देखने के लिय मचलता है मन अगर वह पास आते हैं तो हो जाता है अमन बातें होतीं हैं प्यारी कभी होती … more →

Tags: Blogroll, Kavita, शेर-ओ-शायरी, inglish, अभिव्यक्ति, शायरी, व्यंग्य, शेर, अनुभूति

रहीम के दोहे:किसी के कहने से बड़े लोग छोटे नहीं हो जाते3 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: जो बड़ेन को लघु कहें, नहिं रहीम घटि जाहिं गिरधर मुरलीधर कहे, कछु दुख मानत नाहिं कविवर रहीम कहते हैं … more →

Tags: hindi Personal, Hindi friends, hasya vyangy, Hindi Darshan, Hindu darshan, Hindu culture, India, bharat, hindu dharm


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