किस पर भरोसा करें यहां हर कदम पर धोखा खाया, हुकूमत पर क्या इल्जाम डालें जनता के हाथ पांव के साथ दिमागी सोच को भी पुरानी जंजीरों में बंधा पाया। कहें दीपक बापू हाथ में तख्तियां और मशाल लेकर … more →
*******दीपक भारतदीप की ई-पत्रिका******* ********Deepak Bharatdep'S E-Megazine*****wrote 5 months ago: कुछ लोग अक्सर यह सवाल करते हैं कि ‘आप कंप्यूटर पर इतना कैसे लिख लेते हैं? हमें कोई इसका जवाब न … more →
wrote 5 months ago: एक कहानी बनी पढ़ी लोगों ने कई कहानियां बन गयी। कहीं पात्रों के नाम बदले तो कहीं हालात लगती है हर कहान … more →
wrote 5 months ago: दो प्रचार प्रबंधक एक बार में सोमरस का उपभोग करने के लिये गये। बैरा उनके कहे अ … more →
wrote 5 months ago: किस पर भरोसा करें यहां हर कदम पर धोखा खाया, हुकूमत पर क्या इल्जाम डालें जनता के हाथ पांव के सा … more →
wrote 2 years ago: फर्जी मुठभेड़ों की चर्चा कुछ इस तरह सरेआम हो जाती कि अपराधियों की छबि भी समाज सेवकों जैसी बन जाती है। … more →
wrote 3 years ago: आशिका और माशुका ने मिलकर अपने एकल और युगल ब्लाग पर खूब पाठ लिखे, कभी सप्ताह भर तो कभी माह बाद दिखे स … more →
wrote 3 years ago: जहां तक हमारी जानकारी है सिंह, बाघ तथा चीता एक ही प्रजाति के जीव माने जाते हैं और इनकी नस्ल अब समाप् … more →
wrote 3 years ago: भारत में आयोजित एक निजी क्लब स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता में पाकिस्तानियों को नहीं खरीदा गया। पाकिस्त … more →
wrote 3 years ago: महानायकों के झुंड के बीच खड़ा है आम आदमी हैरान होता यह सोचकर कि किसकी आरती वह पहले करे। सुबह छा … more →
wrote 3 years ago: एक टीवी चैनल को उसके मनोरंजक कार्यक्रम में अभद्र और अश्लील शब्दों के प्रयोग पर आखिर नोटिस थमा दिया ग … more →
wrote 3 years ago: आप कितने भी ज्ञानी ध्यानी क्यों न हों, एक समय ऐसा आता है जब आपको कहना भी पड़ता है कि ‘भगवान ही जानता … more →
wrote 3 years ago: शाम के समय दीपक बापू अपने घर से बाहर निकल एक निकट के उद्यान में हवा खाने पहुंचे। अंदर प्रवेश करने से … more →
wrote 3 years ago: किताबों में लिखे शब्द कभी दुनियां नहीं चलाते। इंसानी आदतें चलती अपने जज़्बातों के साथ कभी रोना कभी ह … more →
wrote 3 years ago: फंदेबाज मिला रास्ते में और बोला ‘चलो दीपक बापू तुम्हें एक सम्मेलन में ले जायें। वहां सर्वशक्तिमान के … more →
wrote 3 years ago: माशुका अब आशिक के लिये हो गयी है मिस काल। वह घंटी बजाकर बंद करती है फिर करता है आशिक उसे काल। वह भी … more →
wrote 3 years ago: डाक्टर साहब बाहर ही मिल गये। उस समय वह एक किराने वाले से सामान खरीद रहे थे और हम पहले लेचुके सामान क … more →
wrote 3 years ago: बेसुरा वह गाने लगे। किसी के समझ न आये ऐसे शब्द गुनगनाने लगे। फिर भी बजी जोरदार तालियां मन में लोग बक … more →
wrote 3 years ago: कुछ दिन पहले तक शायद बहुत कम लोग जानते होंगे कि ‘सविता भाभी’ नाम की कोई वेबसाइट होगी जिस पर ‘लोकप्रि … more →
wrote 4 years ago: कमरों में बंद दौलत लूटकर लुटेरे जा सके यहां से कितनी दूर। उसकी चकाचैंध में रौशनी खो बैठे उनके नूर। अ … more →