सरकारी अस्पताल में एक सफाई कर्मचारी ने एक तीन साल के बच्चे के गले का आपरेशन कर दिया। उस बच्चे के गले में फोड़ा था और उसके परिवारजन डाक्टर के पास गये। वहां खड़े सफाई कर्मचारी ने उसका आपरेशन कर दिया। टीवी… more →
***दीपक भारतदीप की हिंदी पत्रिका*** ***Deepak Bharatdeep ki Hindi patrika***दीपक भारतदीप wrote 5 days ago: सरकारी अस्पताल में एक सफाई कर्मचारी ने एक तीन साल के बच्चे के गले का आपरेशन कर दिया। उस बच्चे के गले … more →
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: नयी धोती, कुरता और टोपी पहनकर बाहर जाने को तैयार हुए कि आया फंदेबाज और बोला ‘दीपक बापू अच्छा हुआ तै … more →
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: बना लिया है पूरी दुनिया को उन्होंने अपना एक बड़ा बाजार चला रहे सभी जगह अपना व्यापार पर टुकड़ों में ब … more →
दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: उस दिन ब्लागर अपने कमरे में बैठा लिख रहा था तभी उसे बाहर से आवाज सुनाई दी जो निश्चित रूप से दूसरे ब् … more →
दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: वह लेखक मंदिर के अंदर गया और वहां से बाहर लौटा तो गेहूंआ कुर्ता और सफेद धोती पहले और माथे पर लाल ति … more →
दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: ‘अरी, सुनती हो 13 नंबर वालों की लड़की भाग गयी’ ‘किसके साथ’’ ‘अरे, भागी किसके साथ होगी? तुम्हारे अंदर … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: अर्थशास्त्र के ‘मांग और आपूर्ति का नियम’ उन्होंने कुछ इस तरह समझाया ‘जब कारखाने में चीज बनती हो पर ब … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: आया फंदेबाज और बोला ‘दीपक बापू तुम्हारे हिट होने का एक नुस्खा लाया हूं सफलता बतलाने वाले डाक्टर से स … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: आज आजश्री जयप्रकाश मानस का एक आलेख पढ़कर यह विचार मेरे हृदय में आया कि आजकल हमारे समाज में परिश्रम … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: आया फंदेबाज और बोला ‘दीपक बापू मैं हीरो का ब्लाग पढ़कर आया हिंदी तो ढंग से पढ़ना नहीं आती पर उसका अ … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: सच बहुत कड़वा होता है और अगर आप किसी के बारे में कोई विचार अपने मस्तिष्क में हैं और आपको लगता है क … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: पिछले वर्ष जुलाई में वृंदावन से हम दोनों पति-पत्नी अपने शहर के लिये चले। हमने मथुरा के मार्ग पर प … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: कल सुबह बिजली न होने के कारण मैं घर से अपने किसी भी ब्लाग पर कोई भी पाठ प्रकाशित किये बिना ही चला गय … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: सारा दिन कान से मोबाइल चिपका कर प्रेम की बातें करने वाले प्रेमी के कान हो गये खराब कभी आवाज आती तो … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: आदमी के पंख नहीं होते जो वह आसमान में उड़ सके पर उसका मन बिना पंख के ही उड़ता चला जाता है उसके पांव … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: सम्मेलनों के आयोजने करने के आदी लोगों की संस्था के पदाधिकारियों के दिमाग में ‘बुद्धिजीवी महिला सम् … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: ब्लागर पार्क में दोनों ब्लागर प्रतिदिन सुबह लड़ते थे। एक कहता कि ‘मैं हिंदी का सबसे बड़ा ब्लागर’ तो … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: घर से नेकर और कैप पहनकर निकले घर से बाहर निकले लेने किराने का सामान तो सामने से आता दिखा फंदेबाज औ … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: कल एक ऐसे पुराने मित्र से मुलाक़ात हुई जो मेरे साथ हॉकी खेलता था। हॉकी छोडे हम दोनों को बहुत समय हो ग … more →