दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: आवत गारी एक है, उलटत होय अनेक कहैं कबीर नहिं उलटिए, वही एक की एक संत कबीर जी का कहना है की गाली आते … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: हमें पूछा था अपने दिल को बहलाने के लिए किसे जगह का पता उन्होने बाजार का रास्ता बता दिया जहां बिकती ह … more →