Blogs about: Hindi Life
इस ब्लाग (पत्रिका) की पाठक संख्या बीस हजार के पार
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दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: 12 दिसंबर 2007 को इस हजार की संख्या पार कर च … more »
दर्द की बजाय लिखना पसंद है संघर्ष पर
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दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: अंतर्र्जाल पर मैं लिखता हूं इसका अर्थ … more »
कम दर्शकों द्वारा फिल्म देखने की शिकायत बेमानी-आलेख
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दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: आज मैने एक अंग्रेजी ब्लाग पर पाकिस्ता … more »
पटकथा लिखने वाले ने कमाल किया-हास्य कविता
दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: बगल में अखबार दबाकर घर आया फंदेबाज और … more »
चाणक्य नीतिःसंपत्ति वही जो सभी के काम आये
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दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: किं तया क्रियते लक्ष्य्या या वधूरिव क … more »
मनुस्मृतिःपरिवार के लिये धन पूरा हो तभी सोमयज्ञ करें
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दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: यस्यं त्रैवाषिक्र भक्तं पर्याप्तं भृ … more »
मनुस्मृति:ढोंगी आदमी को पानी भी न पिलायें
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दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: न वार्यपि प्रयचछत्तु बैडालव्रतिके द् … more »
मनुस्मृति: मांस खाने से कभी स्वर्ग नहीं मिलता
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दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: यद्ध्यायति यतकुरुते धृतिं बध्नाति यत … more »
रहीम के दोहे:व्यक्ति के अवगुण नष्ट नहीं होते
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: रहिमन रीति सराहिए, जो घाट सुन सम होय भा … more »
चतुराई से मुट्ठी में कर लो-हास्य कविता
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दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: हाथ में डंडे और मुहँ में नारे चले हैं स … more »
चाणक्य नीति:शांत व्यक्ति को दुर्बल न समझें
दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: १.युवावस्था में काम-क्रोध हावी होते ह … more »
रहीम के दोहे-किसी के घर जाने से महिमा कम होती है
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दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: कौन बडाई जलधि मिली, गंग नाम भी धीम केहि … more »
ब्लोगर गया अपने गुरु के पास
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दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: एक ब्लोगर पहुचा अपने गुरु के पास और चढ … more »
रहीम के दोहे:ह्रदय कुएँ से अधिक गहरा नहीं होता
दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: रहिमन थोरे दिनन को, कौन करे मुहँ स्याह … more »
ज्योतिष और संयुक्त खाता
दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: पति पत्नी का बैंक में संयुक्त खाता था. … more »
चाणक्य नीति:बिना पढी पुस्तक और कमाया धन किसी दूसरे को न दें
दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: 1.क्रोध यमराज के समान है, उसके कारण मनुष … more »
रहीम के दोहे:नये दिल वाले मानते नहीं
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: यह रहीम मानै नहीं, दिल से नया होय चीता, … more »
वादे करने और भूलने का सिलसिला
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दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: पूरे करने होते काम तो वादे किए ही क्यो … more »
संत कबीर वाणी:मांस खाने वालों की मुक्ति नहीं
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दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: तिल भर मछली खायके, कोटि गऊ दे दान कासी क … more »
