Lost your password?

Blogs about: Hindi Megzine

Featured Blog

समन्दर पीने से भी प्यास नहीं बुझेगी (samandar se bhee pyas nahin bujhegee)1 comment

दीपक भारतदीप wrote 10 hours ago: सभी लोग हमेशा दूसरे के सुख देखकर मन में अपने लिये उसकी कमी का विचार करते हुए अपने को दुःख देते हैं। … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, मस्तराम, व्यंग्य, हास्य कविता, हास्य व्यंग्य, हिन्दी शायरी, हिन्दी शेर, Deepak bapu

किताबों में लिखे शब्द दुनियां नहीं चलाते-व्यंग्य कविता (kitab,shabd aur duniya-vyangya kavita)1 comment

दीपक भारतदीप wrote 3 days ago: किताबों में लिखे शब्द कभी दुनियां नहीं चलाते। इंसानी आदतें चलती अपने जज़्बातों के साथ कभी रोना कभी ह … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, व्यंग्य, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, hindi bharat, hindi bhasha

भर्तृहरि नीति शतक-क्षमा करती है कवच की तरह काम

दीपक भारतदीप wrote 5 days ago: क्षान्तिश्चत्कवचेन किं किमनिरभिः क्रोधीऽस्ति चेद्दिहिनां ज्ञातिश्चयेदनलेन किं यदि सहृदद्दिव्यौषधं कि … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, आध्यात्म, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, hindi abhivyakti, hindi bhasha

योगासन, प्राणायाम, ध्यान और धारणा-हिन्दी लेख (hindi lekh on yogasan)

दीपक भारतदीप wrote 5 days ago: प्राचीन भारतीय योग साधना पद्धति की तरफ पूरे विश्व का रुझान बढ़ना कोई अस्वाभाविक घटना नहीं है। आज से द … more →

Tags: अनुभूति, आलेख, मस्तराम, समाज, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, Deepak bharatdeep, E-patrika, Family

बदतमीज बात पर नजर-हिंदी व्यंग्य (badtamij bat par nazar-hindi vyangya)

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: एक टीवी चैनल को उसके मनोरंजक कार्यक्रम में अभद्र और अश्लील शब्दों के प्रयोग पर आखिर नोटिस थमा दिया ग … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, मस्तराम, हास्य व्यंग्य, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, Blogging, Blogroll, Deepak bapu

नए स्वांग और मुखौटे-हास्य व्यंग्य कविताएँ (svang aur mukhaute-hindi satire poem)

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: रोज रचते हैं नया स्वांग चेहरे पर लगाते नए मुखौटे और बदलकर आते हैं कपड़े मगर छद्म होकर भी करते हैं हमे … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, मस्तराम, हास्य व्यंग्य, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, E-patrika

संत कबीरदास के दोहे-अपनी तारीफ और दूसरे की बुराई न करें (kabir ke dohe-apne tarif aur doosre ke burai na karen)

दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: आपन को न सराहिये, पर निन्दिये न नहिं कोय। चढ़ना लम्बा धौहरा, ना जानै क्या होय।। संत शिरोमणि कबीरदास ज … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, मस्तराम, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, Hindi Blogging, Hindi Education

सेल के रोग का इलाज नहीं-हास्य व्यंग्य कविता (sel rog ka ilaj-hasya vyangyakavita)

दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: अपने साथ फंदेबाज एक पर्चा लेकर आया और हाथ में देते हुए बोला- ‘दीपक बापू, बूढ़े आदमियों के लिये तैयार … more →

Tags: मस्तराम, व्यंग्य, समाज, साहित्य, हास्य व्यंग्य, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, Blogging, Blogroll

जब उनके पुतलों की पोल खुल जायेगी-हिंदी कविता

दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: पर्दे के पीछे वह खेल रहे हैं सामने उनके पुतले डंड पेल रहे हैं। आत्ममुग्धता हैं जैसे जमाना जीत लिया स … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, मस्तराम, व्यंग्य, हास्य कविता, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, Deepak bapu, Deepak bharatdeep

दिवाली का शुभ दिन बीत गया-आलेख (hindi article on diwali festival

दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: होश संभालने के बाद शायद जिंदगी में यह पहली दिवाली थी जिसमें मिठाई नहीं खाई। कभी इसलिये मिठाई नहीं खा … more →

Tags: अध्यात्म, अनुभूति, अभिव्यक्ति, कला, मस्तराम, साहित्य, Blogging, Deepak bapu, Deepak bharatdeep

खाली ज़ेब का रुआब-हास्य व्यंग्य कविता (khali zeb ka ruaab-hindi hasya kavita)

दीपक भारतदीप wrote 4 weeks ago: सूखी मन गयी दिवाली क्योंकि जेब थी खाली, ज़माने में अपना रुआब दिखाने के लिए सबसे कह रहे हैं”हैप … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, कविता, मस्तराम, समाज, साहित्य, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, हिन्दी शायरी

ऐसे ही अफसाने-हिंदी व्यंग्य कविता (bade log-hindi vyangya kavita)

दीपक भारतदीप wrote 4 weeks ago: जब बहता था दरिया में पानी तब भला कौन वादा करता था उसे लाने का। कहीं बांध बनाये कहीं रास्ता बदला पानी … more →

Tags: कला, कविता, क्षणिका, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, भारत, मस्तराम, व्यंग्य, शब्द

अखबार ने पाठ छापा पर नाम नहीं-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: हिंदी की सेवा करने का दावा करने वाले बहुत हैं। इनके नाम भी आपने देखे होंगे। यह लोग हिंदी के नाम पर क … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, आध्यात्म, आलेख, मस्तराम, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, Blogroll, Deepak bapu

भर्तृहरि नीति शतक-कविताओं से बहकाया जाता है (hindi santdesh-kavitavon se bharam

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: भर्तृहरि महाराज कहते हैं कि ————————- सत्यत्वे न शशा … more →

Tags: Hindi knowledge, Hindi Darshan, Hindu darshan, Hindu culture, hindu dharm, hindi abhivyakti, hindi chating, hindi thinking, hindi gyan

बहस कि कामेडी-हिंदी लघु व्यंग्य (disscusion as a comedy-hindi satire)

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: उस उद्यान में ज्ञानियों के बीच देश की गरीबी मिटाने के लिये बहस चल रही थी। विषय था देश में गरीबी और श … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, मस्तराम, व्यंग्य, समाज, हास्य व्यंग्य, Blogroll, Deepak bapu, Deepak bharatdeep

बनाते हैं अपनी दुनियां खुद-हिंदी कविता (khud banate apne duinyan-hindi kavita

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: धरती पर अपने कदम दर कदम चलते हुए जब नजर करता हूं नीचे की तरफ तब जहां तक देखता हूं वहीं तक ख्याल चलते … more →

Tags: अभिव्यक्ति, शायरी, bharat, शेर, अनुभूति, शब्द, hindi sahitya, दीपकबापू, दीपक भारतदीप

मनुस्मृति-दूसरों के माल पर नजर न डालें (paraya mal apna na samjhen)

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: मनु महाराज कहते हैं कि —————— यानाश्य्यासनान्यस्य, कूपोद्यान ग्र … more →

Tags: hindi Personal, Hindi knowledge, Hindi Darshan, hindi adhyatm, hindi abhivyakti, hindi shabd, hindi internet, Hindi Blogging, Deepak bharatdeep

पसंद कि नापसंद-हास्य व्यंग (hindi comedy satire)

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: एक सज्जन ने मन्नत मांगी थी कि अगर उनको कभी कहीं से कोई सम्मान प्राप्त होगा तो वह किसी नये कवि का सम् … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, मस्तराम, व्यंग्य, हास्य व्यंग्य, हिन्दी पत्रिका, Blogging, Blogroll, Deepak bapu

संत कबीर के दोहे-बिना अनुभव के ज्ञान देना अनुचित

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: कूकट कूटै कन बिना, बिन करनी का ज्ञान। ज्यौं बन्दूक गोली बिना, भड़क न मरि आन।। संत शिरोमणि कबीरदास जी … more →

Tags: hindi Personal, Hindi knowledge, bharat, hindi abhivyakti, Hindi Blogging, Global Dashboard, Deepak bharatdeep, Deepak bapu, आलेख


Have your say. Start a blog.

See our free features →

Related Tags
All →

Follow this tag via RSS