बाबा रामदेव और किरणबेदी ने मिलकर भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कुछ लोग उनके प्रयासों पर निराश हैं तो कुछ आशंकित! इस समय देश के जो हालात हैं वह किसी से छिपे नहीं हैं क्योंकि भारत का आम आदमी अ… more →
दीपकबापू कहिनwrote 2 years ago: दीपक बापू को गंजू उस्ताद का इस तरह सुबह सुबह मिलना अपशकुन जैसा लगता है, पर अपनी हास्य कविताई के लिये … more →
wrote 2 years ago: बाबा रामदेव और किरणबेदी ने मिलकर भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कुछ लोग उनके प्रयासों पर नि … more →
wrote 2 years ago: फर्जी मुठभेड़ों की चर्चा कुछ इस तरह सरेआम हो जाती कि अपराधियों की छबि भी समाज सेवकों जैसी बन जाती है। … more →
wrote 2 years ago: पोते ने दादा से पूछा ‘‘अमेरिका और ब्रिटेन में कोई इतनी भूतों की चर्चा नहीं करता, क्या वहां सारी मनोक … more →
wrote 3 years ago: हमारे ब्लाग लेखक मित्र उन्मुक्त अपने आप में एक रहस्यमय व्यक्त्तिव के स्वामी हैं। उनके निज व्यक्त्तिव … more →
wrote 3 years ago: खबरों से यकीन यूं उठ गया है क्योंकि वह शब्द बदल सामने आती रहीं। कहीं चेहरे बदले तो कहीं चालें पर चरि … more →
wrote 3 years ago: <b>पहले जाति में बांटा भाषा में छांटा और धर्म में काटा फिर समाज में एकता की कोशिश अमन के ठेकेद … more →
wrote 3 years ago: आदर्श पुरुषों ने अपनी दरबार में देशभक्ति का नारा बड़े तामझाम के साथ सजाया। बाजार को बेचनी थी मोमबत्ति … more →
wrote 3 years ago: होली हमारे देश का एक परंपरागत त्यौहार है जो उल्लास से मनाया जाता रहा है। यह अलग बात है कि इसे मनाने … more →
wrote 3 years ago: पति ने पत्नी से कहा ‘ बहुत कोशिश पर भी इतने दिनों में अपने बेटे की शादी नहीं करवा पाये, कमाता … more →
wrote 3 years ago: अखबार में पढ़ने को मिला कि ब्रिटेन में महिलायें क्रिसमस पर ऊंची ऐड़ी (हाई हील) के जूते पहनने के लिये इ … more →
wrote 3 years ago: अमेरिकन लोगों का विश्वास है कि अगला बिल गेट्स भारत या चीन में पैदा होगा। यह एक सर्वे करने वाली एक ऐज … more →
wrote 3 years ago: वह योगासन शिक्षक हैं न कि एक संपूर्ण योग गुरु-कम से कम योग के संबंध में उनका से कथन कि ‘योग तो एक सा … more →
wrote 3 years ago: हांड़मांस के बुत हैं इंसान भी कहलाते हैं, चेहरे तो उनके अपने ही है पर दूसरे का मुखौटा बनकर सामने आते … more →
wrote 3 years ago: बड़े लोगों की होती है बड़ी बातें। छोटा तो दिन में भी छोटी शर्म का काम करते भी घबड़ाये बड़ा आदमी गरियाता … more →
wrote 3 years ago: धरती का खुदा नहीं है बंदों से जुदा। फिर भी धरती को बचाने के लिये चंद लोग एकत्रित हो जाते हैं क … more →
wrote 3 years ago: धर्म बन गयी है शय बेचा जाता है इसे बाज़ार में, सबसे बड़े सौदागर पीर कहलाते हैं. भूख, गरीबी, बे … more →
wrote 3 years ago: आदमी अपनी जिंदगी को अपने नज़रिये से जीना चाहता है पर जिंदगी का अपना फलासफा है। आदमी अपनी सोच के अनुसा … more →
wrote 3 years ago: भर्तृहरि महाराज कहते हैं कि —————————— क … more →