रंग महौब्बत का है ताउम्र चमकता रहता है । इस नगरी में जादु है गुलाल बरसता रहता है । क्या तुम से मिलता है ? एक दिवाना भटकता रहता है । बचपन जिसके साथ है वो हर पल चहकता रहता है । शाख से गिरता है और भट… more →
लम्हें जिन्दगी केkalapiketan wrote 1 week ago: लाज ओढूं (गीत) घनश्याम ठक्कर … more →
kalapiketan wrote 2 weeks ago: याद आया गझल घनश्याम ठक्कर … more →
kalapiketan wrote 2 weeks ago: चैतकी रजनी और् चंद्रमा अछांदस घनश्याम ठक्कर … more →
kalapiketan wrote 3 weeks ago: “माँ कह एक कहानी।” मैथिलीशरण गुप्त ——————— … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 3 weeks ago: रंग महौब्बत का है ताउम्र चमकता रहता है । इस नगरी में जादु है गुलाल बरसता रहता है । क्या तुम से म … more →
kalapiketan wrote 4 weeks ago: मरूध्यान ना बने मुक्तक घनश्याम ठक्कर … more →
kalapiketan wrote 4 weeks ago: मरूध्यान ना बने मुक्तक घनश्याम ठक्कर … more →
kalapiketan wrote 1 month ago: नही! गझल घनश्याम ठक्कर … more →
Maheep Saraf wrote 2 months ago: खोया खोया हूँ कई दिनों से, किस वज़ह से मुझे पता नहीं घना अंधेरा छाया हे नभ में, पर दिखती कोई घटा नही … more →
Maheep Saraf wrote 3 months ago: बस एक बार बता दे ग़लती मेरी, चाहे फिर कभी बात ना हो मुस्करा दे एक बार अब तो, इस तरह मुझसे नाराज़ ना … more →
Maheep Saraf wrote 3 months ago: अब समझ में आया लोग चाँद को खूबसूरत क्यों कहते हैं शायद मेरी तरह वो भी उसमे तेरी ही झलक को देखते हैं … more →
अफ़लातून wrote 4 months ago: छुटपन में ऐसा होता था अक्सर कि कोई टोके कि फल के साथ ही तुमने खा लिया है बीज इसलिए पेड़ उगेगा तुम्हार … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 4 months ago: मेरे ज़िन्दगी के सफर में तुम मेरी चाह है हमसफ़र बनो यही ख्वाब है मेरा एक हर नजारा तुम हर नजर बनो | जह … more →
Maheep Saraf wrote 4 months ago: पल पल हर्षित , हर पल गर्वित नई उड़ान और नयी अभिलाषा कर्म प्रतीक हाथों के संग हम लिखें नवीन जीवन परि … more →
Maheep Saraf wrote 4 months ago: मैं नहीं जानता कहाँ जा रही हे ये जिंदगी क्यों ये धड़कने मेरी आवाज़ मुझको देती हे क्यों साँसों मे मेर … more →
Maheep Saraf wrote 4 months ago: मेरी तन्हाई का उनको अहसास कहाँ हे छोड़ कर अकेले हमको वो मस्त वहाँ हे जीयें या मरें उनकी बाला से हम प … more →
Maheep Saraf wrote 5 months ago: हर महफ़िल मे साथ ले जाता हूँ काफिला यादों की उनकी और वो कहते हें कि हम उन्हे याद नहीं करते सामने आते … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 5 months ago: कल याद मेरी उसे रुला आई है । कल बात मेरी बिगड़ती बना आई है । कल शाम सुबह सा मन्ज़र कर , कल रात मेरी पत … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 5 months ago: गम कभी दिल के मेहमान नहीं होते , दोस्त कभी दिल से जुदा नहीं होते । हद नहीं होती किसी प्यार के पैमाने … more →