Blogs about: Hindi Sansakar

Featured Blog

चाणक्य नीति-बुरे संस्कार वालों के साथ बैठकर खाना भी न खाएं

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: नीति विशारद चाणक्य कहते हैं कि ——————- अर्थार्थीतांश्चय ये शूद्र … more →

Tags: अर्थशास्त्र, आलेख, संस्कार, समाज, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, Blogging, Deepak bapu, Deepak bharatdeep

चाणक्य नीतिः अपने घर के अन्दर की बात बाहर न कहें

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: नीति विशारद चाणक्य महाराज कहते हैं कि ———————— … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, चाणक्य नीति, मस्तराम, संस्कार, साहित्य, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, Blogging

बहु ने लिखी कविताएँ-व्यंग्य शायरी 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: नयी बहू कवियित्री है जब सास को पता लगी तो उसकी परीक्षा लेने की बात दिमाग में आयी उसने उससे अपने ऊपर … more →

Tags: कला, कविता, मस्तराम, व्यंग्य, शायरी, शेर, साहित्य, हास्य, हास्य कविता

कंपनी कभी देवता तो कभी दानव -आलेख

दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: कंपनियों का सच यही है कि वह आम निवेशक और उपभोक्ता और अपने कर्मचारी का शोषण करने के लिये बनायी जाती ह … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, अर्थशास्त्र, मस्तराम, Blogging, Blogroll, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, E-patrika

पाठक रूपी सारथि ही बनाता है लेखक महारथी-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: सभी पाठक लेखक हों यह आवश्यक नहीं है पर सभी लेखकों को पाठक अवश्य होना चाहिए। एक लेखक को कभी किसी अन्य … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, कला, मस्तराम, व्यंग्य, समाज, साहित्य, हिन्दी पत्रिका

तंबाकू, एकता और योगसाधना-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago:   पिछले वर्ष जुलाई में वृंदावन से हम दोनों पति-पत्नी अपने शहर  के लिये चले। हमने मथुरा के मार्ग पर प … more →

Tags: Blogroll, hindi kahani, hindi natak, hindi web, web duniya, web dunia, hindi nai duinia, hindi megzine, Deepak bharatdeep

महिला बुद्धिजीवी सम्मेलन-हास्य व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: सम्मेलनों के आयोजने करने के आदी लोगों की संस्था के पदाधिकारियों के  दिमाग  में ‘बुद्धिजीवी महिला सम् … more →

Tags: Blogroll, hindi kahani, hindi natak, Hindi friends, hindi journlism, hindi web, hindi epatrika, web duniya, hindi nai duinia

गरीबों का खाना सहता कौन है? हास्य व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: अमेरिका के राष्ट्रपति जार्जबुश ने कहा है कि विश्व में खाद्यान्न संकट के लिये भारत के लोग ही जिम्मेदा … more →

Tags: Blogroll, hindi drama, hindi journlism, hindi web, hindi epatrika, web duniya, web dunia, hindi nai duinia, hindi megzine

संत कबीर वाणीःभक्ति के लिये हृदय में शुद्ध भावना जरूरी

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: पाहन पानी पूजि से, पचि मुआ संसार भेद अलहदा रहि गयो, भेदवंत सो पार   संत शिरोमणि कबीदासजी कहते हैं कि … more →

Tags: Blogroll, hindi journlism, hindi web, hindi epatrika, web duniya, web dunia, hindi nai duinia, hindi megzine, Deepak bharatdeep

चाणक्य नीतिःधन कमाने वाले धर्म की स्थापना नहीं कर सकते

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: अर्थाधीतांश्च  यैवे ये शुद्रान्नभोजिनः मं द्विज किं करिध्यन्ति निर्विषा इन पन्नगाः जिस प्रकार विषहीन … more →

Tags: अध्यात्म, अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, मस्तराम, विकिपीडिया, संस्कार, समाज, साहित्य

मानसिक गुलामी किसी को दिखाई नहीं देती-आलेख 3 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: मनोरंजन के नाम पर जिस तरह के कार्यक्रम विभिन्न टीवी कार्यक्रमों में अंधविश्वासों और रूढियों को … more →

Tags: Blogroll, Hindi friends, hindi journlism, hindi epatrika, web duniya, web dunia, hindi nai duinia, hindi megzine, Deepak bharatdeep

जो बडे हैं वह कभी संयम नहीं गंवाते-हास्य कविता 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: आया फंदेबाज और बोला ”क्या दीपक बापू हम तो समझते थे कोई भारी भरकम लेखक को पर हम अब समझे हमें भर … more →

Tags: Blogroll, Hindi Poem, Hindi hasya, Hindi friends, hindi epatrika, web duniya, web dunia, hindi nai duinia, hindi megzine

एक ढूंढो हजार मूर्ख मिलते हैं-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: कल बिहार में एक स्थान पर एक महिला को जादूटोना करने के आरोप जिस बहशी ढंग से अपमानित किया गया हैं … more →

Tags: अध्यात्म, अभिव्यक्ति, आलेख, कला, संस्कार, समाज, हिन्दी पत्रिका, Blogging, Blogroll

संत कबीर वाणी:मुहँ में डाले तेल से आंखों देखा घी भला 2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: आंखों देखा घी भला, ना सुख मेला तेल साधू सों झगडा भला, ना साकट सों मेल आंखों से देखा घी का दर्शन भी अ … more →

Tags: अध्यात्म, आलेख, समाज, साहित्य, हिन्दी पत्रिका, Blogging, Blogroll, Deepak bharatdeep, dohe

संत कबीर वाणी:जैसा भोजन और पानी वैसा मन और वाणी 3 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: आवत गारी एक है, उलटत होय अनेक कहैं कबीर नहिं उलटिए, वही एक की एक संत कबीर जी का कहना है की गाली आते … more →

Tags: आलेख, समाज, साहित्य, हिन्दी पत्रिका, Blogging, Blogroll, Deepak bharatdeep, E-patrika, Friends

रहीम के दोहे:कलारी वाले के हाथ में दूध भी मदिरा लगता है2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: रहिमन नीचन संग बसि, लगत कलंक न काहि दूध कलारी कर गाहे, मद समुझै सब ताहि कविवर रहीम का कथन है कि नीच … more →

Tags: अध्यात्म, आस्था, संस्कार, समाज, साहित्य, हिन्दी पत्रिका, Blogging, Blogroll, Deepak bharatdeep

अपने मुहँ से अपनी तारीफ़-हास्य व्यंग्य 3 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: अब दो फिल्म अभिनेताओं में झगडा शुरू हो गया है कि वह नंबर वन हैं। आज जब मैंने यह खबर एक टीवी चैनल पर … more →

Tags: आलेख, कला, व्यंग्य, संस्कार, समाज, साहित्य, हास्य व्यंग्य, हिन्दी पत्रिका, Blogging

संत कबीर वाणी:ज्ञान रुपी हाथी की सवारी कीजिए, भौंकने पर ध्यान न दीजिये5 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: हस्ती चढ़िए ज्ञान की, सहज दुलीचा डार श्वान रूप संसार है, भूंकन दे झकमार संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते ह … more →

Tags: आलेख, ज्ञान, समाज, साहित्य, हिन्दी, Deepak bharatdeep, dohe, E-patrika, Friends

रहीम के दोहे:सज्जन सौ बार रूठे तो भी मनाएं 4 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: जैसी जाकी बुद्धि है, तैसे कहैं बनाय ताकौं बुरो न मानी, लें कहाँ सो जाय कविवर रहीम जी कहते हैं कि ज … more →

Tags: Hindi friends, hindi web, hindi epatrika, web duniya, web dunia, hindi nai duinia, hindi megzine, Deepak bharatdeep, hindi bhasakar


Have your say. Start a blog.

See our free features →

Related Tags
All →

Follow this tag via RSS

Find other items tagged with “hindi-sansakar”:
Technorati Del.icio.us IceRocket