Blogs about: Hindi Satire

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इन्टरनेट का ताला और पाठ चोर (हास्य व्यंग्य)2 comments

दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: कभी कभी यह मन होता है कि किसी ब्लाग लेखक के लिखे पाठ के विषय पर कुछ हम भी लिखें। इसका कारण यह है कि … more →

Tags: हिन्दी, अध्यात्म, अभिव्यक्ति, India, व्यंग्य, सन्देश, साहित्य, अनुभूति, Deepak bharatdeep

जुबान में ढूंढते हैं प्यार भरे शब्द-हिंदी शायरी

दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: कहां जाकर दिल बहलायें सभी जगह दर्द का दरिया बहता पायें ढूंढते हैं कुछ हंसते हुए चेहरे और खुश दिल पर … more →

Tags: अभिव्यक्ति, इंटरनेट, कविता, चिंतन, दीपक भारतदीप, मस्तराम, हिन्दी पत्रिका, bharat, Deepak bharatdeep

मस्त राम...............की हिप हुर्र हुर्र1 comment

दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: अपने कुछ ब्लाग/पत्रिका का नामकरण हमने मस्तराम के नाम पर आज कर ही दिया। आज होली का पर्व है और एक लेखक … more →

Tags: हिन्दी, चिंतन, संपादकीय, अभिव्यक्ति, bharat, व्यंग्य, साहित्य, Deepak bharatdeep, दीपक भारतदीप

जिंदा रहने के बहाने तलाशता आदमी-हिंदी शायरी 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: एक बच्चे के पैदा होने पर घर में खुशी का माहौल छा जाता है भागते हैं घर के सदस्य इधर-उधर जैसी कोई आसमा … more →

Tags: bharat, India, व्यंग्य, हास्य, सन्देश, विचार, साहित्य, शेर, शायरी

किसी की भक्ति भी होती है सनसनीखेज खबर- हास्य व्यंग्य (hasya vyangya)2 comments

दीपक भारतदीप wrote 10 months ago: जहां तक मेरी जानकारी है खबर में यही था कि अमेरिका में राष्ट्रपति पद उम्मीदवार ओबामा अपनी जेब में र … more →

Tags: हिन्दी, आलेख, चिंतन, संपादकीय, bharat, India, व्यंग्य, कविता, hasya

इस तरह वह शादी न हो सकी-हास्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 10 months ago: मंडप में पहुंचने से पहले ही दूल्हे ने दहेज़ में मोटर साइकल देने की माँग उठाई उसके पिता ने दुल्हन के … more →

Tags: हिन्दी, अभिव्यक्ति, bharat, व्यंग्य, hasya, हास्य, सन्देश, साहित्य, शेर

शैतान कभी मर नहीं सकता-हास्य व्यंग्य1 comment

दीपक भारतदीप wrote 10 months ago: शैतान कभी इस जहां में मर ही नहीं सकता। वजह! उसके मरने से फरिश्तों की कदर कम हो जायेगी। इसलिये जिसे … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, इंटरनेट, चिंतन, दीपक भारतदीप, मस्तराम, रचना, लेखक

धूल ने क्लर्क को सिखाया-हिंदी शायरी

दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: बहुत दिन बाद ऑफिस में आये कर्मचारी ने पुराना कपडा उठाया और टेबल-कुर्सी और अलमारी पर धूल हटाने के लिए … more →

Tags: bharat, India, व्यंग्य, कविता, hasya, सन्देश, साहित्य, Deepak bharatdeep, दीपक भारतदीप

असली पुतलों का खेल-लघुकथा1 comment

दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: कठपुतली का खेल दिखाने वाला एक व्यक्ति अपना काम बंद कर स्टेडियम के बाहर मूंगफली का ठेला लगाकर बैठ गया … more →

Tags: हिन्दी, आलेख, चिंतन, अभिव्यक्ति, bharat, India, व्यंग्य, Sahitya, हास्य

आँखें उनको देखने को तरस जाती हैं-हिंदी शायरी1 comment

दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: मेरी नाव डुबोने वाले बहुत हैं पर उनकी याद कभी नहीं आती मझधार में भंवर के बीच आकर जो किनारे तक पहुंचा … more →

Tags: आलेख, darshan, bharat, India, व्यंग्य, hasya, हास्य, सन्देश, विचार

विषयों के पहाड़ खोदने से क्या फायदा-हास्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: अब तो मुद्दे जमीन पर नहीं बनते हवा में लहराये जाते राई से विषय पहाड़ बताये जाते मसले अंदर कमरे में … more →

Tags: abhivyakti, अनुभूति, अभिव्यक्ति, कविता, चिंतन, मस्तराम, रचना, लेखक, शायरी

चाणक्य नीति:निम्न कोटि के व्यक्ति से भी सीखना पडे तो संकोच न करें

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: 1.ईर्ष्या असफलता का दूसरा नाम है। अपनी असफलता और दूसरे की सफलता से मनुष्य ईर्ष्यालु हो जाता। ईर्ष्या … more →

Tags: अभिव्यक्ति, chankya, Adhyaatm, हिन्दू, Sahitya, सन्देश, साहित्य, अनुभूति, दीपक भारतदीप

The diet of the poor oppressed? Comic satire

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: U.S. president has said that food crisis in the world for the people of India are responsible for … more →

Tags: darshan, India, hasya, Sahitya, Deepak bharatdeep, web dunia, web duniya, web bhaskar, web jagran


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