जब मैं हसा था, कौन मेरे साथ मुस्कुराया था कौन है मेरा दोस्त जो तब मेरे पास आया था जब मै ग्रमज्रदा था, क्या किसी ने आंसू बहाया था या यह है मेरा दोस्त जिसने निशां आसुंओं का मिटाया था अधूरी सी है …… more →
The Shayari.. Shayari Collection Hindi meinSeher wrote 1 year ago: जब मैं हसा था, कौन मेरे साथ मुस्कुराया था कौन है मेरा दोस्त जो तब मेरे पास आया था जब मै ग्रमज्रदा था … more →
Seher wrote 1 year ago: हर ध्ड्रकन में एक राज्र होता है हर बात को बताने का एक अंदाज्र होता है जब तक ठोकर न लगे बेवफाई की हर … more →
Seher wrote 1 year ago: शिकायत है उन्हें कि हमें मोहब्बत करना नही आता, शिकवा तो इस दिल को भी है ……… पर इसे … more →