जहां तक नस्ल, जाति, भाषा और धर्म के आधार पर भेदभाव का प्रश्न है तो यह एक विश्वव्यापी समस्या है। इसे हम यूं भी कह सकते हैं कि यह एक मानवीय स्वभाव है कि मनुष्य समय पड़ने पर अपनी नस्ल, जाति, भाषा और धर्म … more →
दीपक भारतदीप की शब्दलेख-पत्रिकादीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: भारत में इंटरनेट प्रयोक्ताओं की संख्या सात करोड़ से ऊपर है-इसका सही अनुमान कोई नहीं दे रहा। कई लोग इस … more →
दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: बुद्धिजीवियों का सम्मेलन हो रहा था। अनेक प्रकार के बुद्धिजीवियों को उसमें आमंत्रण दिया गया। यह सम्मे … more →
दीपक भारतदीप wrote 4 weeks ago: समाज सेवाध्यक्ष जी ने अपनी बाहें टेबल पर टिकाई अपना मूंह हथेलियों पर रखने को बाद अपने सात सभासदों की … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: अर्थसिद्धि परामिच्छन् धर्ममेवादितश्चरेत्। न हि धर्मदपैत्यर्थः स्वर्गलोकादिवामृतम्।। हिंदी में भावार् … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: नोबल पुरस्कार देने वालों ने वाकई हास्यास्पद स्थिति का निर्माण किया है। उन्होंने अमेरिका के कट्टर विर … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: अमेरिका के राष्ट्रपति श्री बराक ओबामा को शांति के लिये नोबल पुरस्कार मिलने पर स्वयं उनको ही बहुत बड़ा … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: सुबह दीपक बापू सड़कों पर पानी से भरे गड्ढों में गिरने से बचते हुए जल्दी जल्दी ही आलोचक महाराज के घर प … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: राजा नल ने जुआ खेली और उसमें हारने पर राज्य और परिवार त्यागकर वन में जाकर दूसरे की सेवा करनी पड़ी। अत … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: भर्तृहरि महाराज कहते हैं कि ————————— … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: मिथ्यापेतानि कर्माण सिध्येवुर्यानि भारत। अनुपायवुक्तानि मा स्म तेष मनः कृथाः।। हिंदी में भावार्थ-मिथ … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: फंदेबाज मिला रास्ते में और बोला ‘चलो दीपक बापू तुम्हें एक सम्मेलन में ले जायें। वहां सर्वशक्तिमान के … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: मीडिया यानि टीवी चैनल और समाचार पत्र-जिनकों हम संगठित प्रचारतंत्र भी कह सकते हैं-बिना सनसनी के नहीं … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: उन सज्जन ने सच की पहचान करने वाली मशीन की दुकान लगाई पर उसके उद्घाटन के लिये कोई तैयार नहीं हुआ भाई। … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: लड़के की मां ने रिश्ते कराने वाले मध्यस्थ से कहा ‘‘लड़की और परिवार के साथ दहेज का मामला भी समझ में आये … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: हिंदी की विकास यात्रा नहीं रुकेगी। लिखने वालों का लिखा बना रहेगा भले ही वह मिट जायें। पिछले दिनों कु … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: भारतीय अध्यात्मिक दर्शन में भगवान शिव को सत्य का प्रतीक माना जाता है। इसके अलावा एक बात महत्वपूर्ण ह … more →
दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: जहां तक नस्ल, जाति, भाषा और धर्म के आधार पर भेदभाव का प्रश्न है तो यह एक विश्वव्यापी समस्या है। इसे … more →
दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: आदमी कभी बंदर रहा होगा-इस सिद्धांत पर यकीन नहीं होता। दरअसल बरसों पहले यह पश्चिमी सिद्धांत पढ़ा था कि … more →
दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: यह दिलचस्प भी और अविश्वसनीय भी। अक्सर ब्लाग लेखक अपने ब्लाग के लिये ऐलेक्सा का प्रमाण देते हैं। इस ल … more →