Blogs about: Hindi Thougnt
इस ब्लाग (पत्रिका) की पाठक संख्या बीस हजार के पार
— 2 comments
दीपक भारतदीप wrote 5 days ago: 12 दिसंबर 2007 को इस हजार की संख्या पार कर च … more »
दर्द की बजाय लिखना पसंद है संघर्ष पर
— 3 comments
दीपक भारतदीप wrote 6 days ago: अंतर्र्जाल पर मैं लिखता हूं इसका अर्थ … more »
अच्छा हुआ खबर नहीं पढ़ी-हास्य व्यंग्य
दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: श्रीमतीजी ने रात को पूछा-‘‘क्या खाना ख … more »
धन आने से बुद्धि नहीं आ जाती-लेख Money is not coming to mind - article
— 2 comments
दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: पैसे में बहुत बड़ी ताकत होती है यह भी ब … more »
क्रिकेट मैच के दौरान नृत्य कार्यक्रम:एक विचार
— 1 comment
दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: अभी चल रही प्रतियोगिता में क्रिकेट मै … more »
मालिक नहीं तो मजदूर का रोल करेगा-हास्य कविता
— 1 comment
दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: फंदेबाज आया और बोला ‘दीपक बापू, मेरा छ … more »
करते हास्य कविता की पैनी धार
— 2 comments
दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: फंदेबाज आया और बोला ‘दीपक बापू, तुम क् … more »
यह नहीं बता सकते कि हिट होगा कि फ्लाप-हास्य कविता
दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: फंदेबाज के घर के दौरे पर पहूंचे तो उसक … more »
दोस्त को कई रूपों में आने का हक होता-हास्य कविता
— 1 comment
दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: भतीजे को साथ लेकर आया फंदेबाज और बोला- … more »
हमारी पोस्ट भी जोरदार पाओगे-हास्य कविता
— 3 comments
दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: रास्ते में टकरा गया फंदेबाज और घूर-घूर … more »
‘तुम्हारे भाग्य में हिट ब्लागर होना नहीं लिखा’-हास्य व्यंग्य
— 3 comments
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: ब्लागर अपने घर पर सो रहा था कि दूसरा ब् … more »
बड़ी मछली का छोटी पर शासन तो फिर भी रहा
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: कार्ल मार्क्स ने कहा था कि इस दुनियां … more »
आधुनिक शिक्षा के साथ ज्ञान का होना भी जरूरी-आलेख
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: आजकल दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं महिलाओं … more »
मेरे शब्दों को अपने दिल और दिमाग में जगह मत देना-कविता
— 2 comments
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: मेरे शब्दों को ही अपना तुम दोस्त समझ ल … more »
अपना जन्मदिन याद नहीं रहता-आलेख
— 4 comments
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: मैं उन तमाम लोगों में हूँ जिनको यह याद … more »
इसलिए महिला दिवस पर कुछ नहीं लिखा-आलेख
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: आज महिला दिवस है और मैं अपने आसपास देख … more »
अंतर्जाल पर पहले चोरी होने जैसा लिखो तो-(हास्य-व्यंग्य)
— 2 comments
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: अंतरजाल पर ब्लोग लिखने वाले कुछ लोगों … more »
एक अभद्र शब्द पूरे पाठ को पंचर कर देता है-आलेख
— 4 comments
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: हर आदमी का मन लिखने का करता है पर हर कोई … more »
चतुराई से मुट्ठी में कर लो-हास्य कविता
— 3 comments
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: हाथ में डंडे और मुहँ में नारे चले हैं स … more »
