दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: गिरिये परवत शिखर ते, परिये धरनि मंझार मूरख मित्र न कीजिए, बूडो काली धार संत शिरोमणि कबीरदास जी कहत … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: इंसानों की भीड़ में कभी दर्द. कभी प्रेम और हास्य से सुसज्जित शब्दों से रचनाएं बरसाने वाले कवि अकेले … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: पढ़ते हैं कोई भाषा की बड़ी किताब लगाते फिर अपने पढे पाठों का हिसाब साहित्य के शब्दों से परहेज गणित … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: कल आस्ट्रेलिया के हावर्ड में श्री लंका के स्पिनर मुरलीधरन की टांग में किसी लड़के द्वारा अंडे मारने क … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: उसने कहा-”तुम अच्छा लिखो!” मैंने पूछा-”क्या अच्छा लिखूं उसने कहा-”वह जो लोगो … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: निकले सुबह अपने घर से धोती-कुर्ता और टोपी पहने रास्ते में जो भी मिलता यह कहता ”दीपक बापू क्या … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: एक आदमी ने दूसरे से पूछा ”क्या टीवी पर सास-बहु के सीरियल से तुम्हारी माँ-और पत्नी के बीच भी कभ … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: भारत की क्रिकेट टीम जीत गयी तो भारत के पूरे मीडिया ने उसको हाथ-हाथ उठा लिय और हारने वाली आस्ट् … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: इधर जाएँ कि उधर यह कभी तय नहीं कर पाए जिस माया को पाने की चाहत है उसके आदि और अंत को समझ नहीं पाए चा … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: दरवाजे पर दस्तक हुई तो ब्लोगर की पत्नी ने खोला सामने वह शख्स खडा था जिसके बारे में उसे शक था कि वह भ … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: कहते हैं कि राजनीति कोयले के दलाली होती है जिसमें कितना भी करो बचने की कोशिश हाथ तो काले होते हैं इस … more →