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मुझ को तो माफ करो राखी सावंत (व्यंग्य/कार्टून)16 comments

K M Mishra wrote 1 day ago: 27 जून की सुबह आठ बजे के लगभग कानपुर से फुरसतिया अनुप शुक्ल की मेरे मोबाइल पर काल आई । मैंने चाय प … more →

Tags: कार्टून, बाजार, मीडिया, राखी सावंत, हिन्दी हास्य व्यंग्, Cartoon, Comedy, hasya -vyangya, Humor

मानसून हो कि बज़ट5 comments

दरभंगिया wrote 3 days ago: कितना अच्छा होगा जब एक ही किताब पढ़ायी जायेगी दिल्ली से सुदूर गाँव तक. बिजली का क्या है दिल्ली में भी … more →

Tags: कविता, हिन्दी, बज़ट, मानसून, Budget, Kavita, Monsoon, Poem

वह कविता कैसे बनाऊँ मैं2 comments

दरभंगिया wrote 4 days ago: लगे आपको “अप्रतिम” वह शब्द कहाँ से लाऊँ मैं. स्वरचित अज्ञान शिविर में जब तड़प रहा हूँ हर … more →

Tags: कविता, हिन्दी, Kavita, Poem

कितनी सार्थक हिंदी की ‘राजभाषा’ उपाधि - राजनीति हिंदी विरोध की1 comment

योगेन्द्र wrote 4 days ago: (मई 17, 2009 की पोस्ट के आगे) अपने देश की संघीय ‘राजभाषा’ हिंदी एवं विभिन्न प्रदेशों की अपनी-अपनी ‘र … more →

Tags: भारत, भाषा, राजनीति, राजभाषा, हिन्दी, India, भारतीय संघ, राज्यभाषा, संविधान

उत्तर भारत में सूखे की आशंका (व्यंग्य, कार्टून)1 comment

K M Mishra wrote 6 days ago: =>सखी, इस भीषण गर्मी में चार कोस दूर तालाब से मटकी में पानी भर कर लाते-लाते मेरे पैरों में छा … more →

Tags: आर्थिक, पर्यावरण, बाजार, भारत, मीडिया, मौसम, राष्ट्रीय, सूखा, हिन्दी हास्य व्यंग्

सांप को दूध पिलाने वाले (व्यंग्य/कार्टून)8 comments

K M Mishra wrote 1 week ago: =>मेरे बच्चों,   अब मैं तुमको और दूध नहीं पिला सकता । केन्द्र सरकार की बुरी नज़र अब मेरे तबेल … more →

Tags: कार्टून, पाकिस्तान, भारत, भ्रष्टाचार, राजनैतिक विसंगतियों, राष्ट्रीय, हिन्दी हास्य व्यंग्, Cartoon, Comedy

क्योंकि ऐसे गिनकर थक जाओगे4 comments

दरभंगिया wrote 1 week ago: एक लड़की पर तेज़ाब डाला गया. दूसरी जींस पहन कर घूम रही थी. तीसरी ने अपनी माँ की हत्या कर दी. चौथी को स … more →

Tags: कविता, हिन्दी, जींस, नारी, लड़की, समानता, ससुराल, Kavita

राग दरबारी के बहाने क्रिकेटचर्चा (हास्य/व्यंग्य/कार्टून)7 comments

K M Mishra wrote 1 week ago: => कटिया मार कर केबल टी.वी. देखने में जो मजा है वह कनेक्शन लेकर देखने में कहां । बेचारा वर्मा, उ … more →

Tags: कार्टून, खेल, बाजार, राग दरबारी, राष्ट्रीय, हिन्दी हास्य व्यंग्, Cartoon, Comedy, Cricket

जिसकी चाहत मेरा ख़्वाब है10 comments

palakmathur wrote 1 week ago: कुछ अरमान इस दिल के, तनहा जीवन से तन्हाई मिटाने के ख़्वाब, कुछ चाहत उसे पाने की, थोड़ी आरज़ू उसमे खो … more →

Tags: आत्मीयता, हिन्दी, Poem, Poems, चाहत, Armaan, Aarzoo, chahat, Darr

रीमेक ऑफ़ एक पुरानी कहानी3 comments

दरभंगिया wrote 1 week ago: एक गाँव में एक किसान रहता था. उसके तीन बेटे थे. तीनो में कोई काम नहीं करता था. सब के सब मुफ्त की रोट … more →

Tags: कहानी, हिन्दी, kahani

पानी के बेहने को अश्क़ नहीं कहते

palakmathur wrote 1 week ago: दर्द कितना है दिल में न जान पाओगे, हम रोज़ अपने ग़म का इश्तेहार नहीं करते, जो आँख से टपकें लहू तो बत … more →

Tags: आत्मीयता, हिन्दी, Poem, Poems, Ashq, अश्क़, ग़म, दर्द, लहू

जो छूट गये अब हाथ से मेरे1 comment

दरभंगिया wrote 1 week ago: कुछ दिनों से सोच रहा था क्या क्या नहीं किया कितने सालों से. कि हल्के से यह दिल भींचा आंख मली कि समझ … more →

Tags: कविता, हिन्दी, बचपन, bachpan, Kavita, Poem

एक अदद बकवास12 comments

दरभंगिया wrote 2 weeks ago: इधर कुछ बकवास कवितायें पढ़ने को मिली, तो सोचा पोपुलारिटी बढ़ाने के लिए हम भी एक बकवास लिखें. हो सकता … more →

Tags: कविता, हिन्दी, Bakwaas

कितनी सार्थक है हिंदी की ‘राजभाषा’ उपाधि?1 comment

योगेन्द्र wrote 2 weeks ago: पिछले कुछ समय से मैं एक प्रश्न का ‘संतोषप्रद’ उत्तर (महज उत्तर नही, संतोषप्रद उत्तर!) पाने की चेष्टा … more →

Tags: अंग्रेजी, भारत, राजभाषा, हिन्दी, English, India, भारतीय संविधान, संविधान सभा, हिंदी दिवस

ईश्वर की रचना5 comments

दरभंगिया wrote 2 weeks ago: बेकार की लफ्फाजी ही करनी है ना! तो कर देंगे. और बन जायेगी एक कविता. बिन अर्थ, बेकार. ऐसा नहीं है. हर … more →

Tags: कविता, हिन्दी, God, human, Kavita, Life, Poem

खाना ख़जाना: भाग - 1 (व्यंग्य/कार्टून)5 comments

K M Mishra wrote 3 weeks ago: => आइये, आइये तशरीफ लाइये । नोश फरमाइये, मेरे   हाथ का बना हुआ ”शीतल मीठा जल“ । ऐसे बनाएं ”शीतल … more →

Tags: कार्टून, खाना ख़जाना, बाजार, मीडिया, मौसम, सामाजिक, स्वास्थ्य, Cartoon, hasya -vyangya

शहरों का बच्चा है10 comments

hemjyotsana "Deep" wrote 3 weeks ago:   रंग महौब्बत का है  ताउम्र चमकता रहता है । इस नगरी में जादु है  गुलाल बरसता रहता है । क्या तुम से म … more →

Tags: दोस्ती, Blogroll, Deep, hemjyotsana, Kavita, Life, Poems, Shayeri, कविता

अमेरिकी खैरात के दम पर युद्ध की तैयारी । (व्यंग्य/कार्टून)8 comments

K M Mishra wrote 3 weeks ago: =>ये लो, खैरात ।  हमारी आदत है कि पहले अपनी कुटिल नीतियों से किसी देश को भिखारी बना देते हैं, फिर … more →

Tags: अन्तर्राष्ट्रीय घटन, आतंकवाद, आर्थिक, कार्टून, पाकिस्तान, बाजार, भारत, भ्रष्टाचार, युद्ध

कुछ खोई हुई

mequitnever wrote 3 weeks ago: आज मैं अपने डेस्क को ठीक कर रहा था और कहीं कोने से मेरे हाथ एक फोल्डर लगा | उस फोल्डर में रंगीन कगाज … more →

Tags: ज़िन्दगी life, Life, angry, Awareness, कविता, कवितायें, हिंदी कविता, हिंदी कवितायें, death


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