Lost your password?

Blogs about: Hindu

Featured Blog

चाणक्य नीति-संतोष से ही अमृत मिलता है

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: संतोषाऽमृत-तुप्तानां यत्सुखं शान्तचेतसाम्। न च तद् धनलूब्धानामितश्चयेतश्च धावताम्।। हिंदी में भावार् … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, समाज, सूचना, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, अध्यात्म, ज्ञान

भर्तृहरि नीति शतक-क्षमा करती है कवच की तरह काम

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: क्षान्तिश्चत्कवचेन किं किमनिरभिः क्रोधीऽस्ति चेद्दिहिनां ज्ञातिश्चयेदनलेन किं यदि सहृदद्दिव्यौषधं कि … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, आध्यात्म, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, hindi abhivyakti, hindi bhasha

हिंदी आध्यात्मिक सन्देश-बेकार के कम न करें तो ही ठीक (vidur niti-bekar kam n karen)

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: तथैव योगविहितं यत्तु कर्म नि सिध्यति। उपाययुक्तं मेधावी न तव्र गलपयेन्मनः।। हिंदी में भावार्थ-अच्छे … more →

Tags: arebic, अध्यात्म, अनुभूति, अभिव्यक्ति, कला, चिंतन, दीपक भारतदीप, मस्त राम, शब्द

संत कबीरदास-धर्म का आशय कौन जानता है (dharm ka ashaya-kabirdas ji

दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: कहै हिन्दु मोहि राम पिआरा, तुरक कहे रहिमाना। आपस में दोऊ लरि-लरि मुए, मरम न कोऊ जाना।।संत शिरोमणि कब … more →

Tags: अध्यात्म, अनुभूति, अभिव्यक्ति, आध्यात्म, आलेख, समाज, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, adhyatm

रहीमदास के दोहे-अपने मन की बात दूसरे को न बताएं (apne man ki bat-rahim das ke dohe)1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: रहिमन निज मन की, बिथा, मन ही राखो गोय। सुनि अठिलैह लोग सब, बाटि न लैहैं न कोय।। कविवर रहीम कहते हैं … more →

Tags: अध्यात्म, अनुभूति, अभिव्यक्ति, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, adhyatm, जागरण, धर्म, संदेश

मनु स्मृति-योग्य आदमी से अच्छे संबंध बनाएं (manu smriti-yogya admi)

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: मनु महाराज कहते है कि ——————————— … more →

Tags: अध्यात्म, आलेख, कला, मनोरंजन, मस्तराम, समाज, हिन्दी, bharat, Chanakya

चाणक्य नीति-पवित्र काम मन लगाकर पूरा करें (pavitra kaam-chankya niti in hindi)

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: नीति विशारद चाणक्य कहते हैं कि ————————- धनहीनो न ही … more →

Tags: अभिव्यक्ति, आदमी, आध्यात्म, चाणक्य, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, शिक्षक, हिन्दी

हिंदी अध्यात्म सन्देश-बुरे काम से दूर होकर ही अच्छाई समझना संभव (hindu adhyatm sandesh)

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: अर्थसिद्धि परामिच्छन् धर्ममेवादितश्चरेत्। न हि धर्मदपैत्यर्थः स्वर्गलोकादिवामृतम्।। हिंदी में भावार् … more →

Tags: arebic, अनुभूति, अभिव्यक्ति, चिन्तन, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, समाज, हिन्दी

संत कबीर के दोहे-कष्ट और कलह की जड़ है गाली देना (gali dena galat-kabir ke dohe

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: आवत गारी एक है, उलटत होय अनेक। कहैं कबीर नहिं उलटिये, वही एक की एक।संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते हैं क … more →

Tags: अध्यात्म, अनुभूति, अभिव्यक्ति, कबीर, कला, मस्तराम, समाज, हिंदी पत्रिका, हिन्दी

भर्तृहरि नीति शतक-कविताओं से बहकाया जाता है (hindi santdesh-kavitavon se bharam

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: भर्तृहरि महाराज कहते हैं कि ————————- सत्यत्वे न शशा … more →

Tags: अध्यात्म, अनुभूति, अभिव्यक्ति, आध्यात्म, आलेख, मस्तराम, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, Deepak bapu

बुढ़ापे में कुछ नहीं सीख सकते-हिन्दू अध्यात्मिक संदेश (In old age can not learn anything - Hindu spiritual message)

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: भर्तृहरि महाराज कहते हैं कि —————— यावत्स्वस्थमिदं शरीरमरुजं याव … more →

Tags: aritile in hindi, दीपक भारतदीप, मस्त राम, समाज, हिन्दी, Deepak bharatdeep, hindu darashan, hindu dharm, hindu thinking

चाणक्य दर्शन-जीवन में जागरुकता आवश्यक (chankya darshan in hindi)

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: गूढ़मैथुनचरित्वं च काले काले संग्रहम्। अप्रमत्तमविश्वासं पंच शिक्षेच्च वायसात्।। हिंदी में भावार्थ-छि … more →

Tags: अध्यात्म, आलेख, कला, समाज, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, hindi Personal

संत कबीर के दोहे-बिना अनुभव के ज्ञान देना अनुचित

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: कूकट कूटै कन बिना, बिन करनी का ज्ञान। ज्यौं बन्दूक गोली बिना, भड़क न मरि आन।। संत शिरोमणि कबीरदास जी … more →

Tags: hindi Personal, Hindi knowledge, bharat, hindi abhivyakti, hindi megzine, Hindi Blogging, Global Dashboard, Deepak bharatdeep, Deepak bapu

विदुर दर्शन-सात्विक कार्य सिद्ध न हो भी चिंता नहीं

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: मिथ्यापेतानि कर्माण सिध्येवुर्यानि भारत। अनुपायवुक्तानि मा स्म तेष मनः कृथाः।। हिंदी में भावार्थ-मिथ … more →

Tags: हिन्दी, संस्कार, inglish, संपादकीय, आध्यात्म, India, bhaarat, आलेख, हिंदी साहित्य

चाणक्य नीति-गलत संपर्क से आदमी बर्बाद होता है

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: ग्रहीत्वां दक्षिणां विप्रास्त्यजन्ति यजमानकम्। प्राप्तविद्यां गुरुं शिष्या दग्धाऽरण्यं मृगास्तथा। हि … more →

Tags: Blogroll, Hindi friends, Hindi knowledge, bharat, hindi abhivyakti, hindi chating, hindi megzine, hindi bhasha, hindi internet

चाणक्य नीति-कुविचारी नारी से तो कोई साथ न हो अच्छा (chankya niti-kuvichari nari ka sath

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: नीति विशारद चाणक्य महाराज कहते हैं कि ———————— … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, इंटरनेट, चिन्तन, दीपक भारतदीप, धर्म, शब्द, संस्कार, हिंदी पत्रिका

विदुर नीति- दुष्ट की सलाह पर व्यक्ति चले तो उससे दूर रहें (vidur niti-raja aur dusht ki salah)

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: न निह्यवं मन्त्र गचछेत संसृष्टमन्त्रस्य कुसंगतस्य। न च ब्रूयात्रश्वसिमि त्वयीति संकारणं व्यपदेशं तु … more →

Tags: आलेख, कला, समाज, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, Blogroll, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, deshboard

कौटिल्य का अर्थशास्त्र-किसी को अपनी योग्यता से अधिक महापद भी मिल जाता है (ablity and post-kautilya ka arthshastra)

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: कौटिल्य महाराज के अनुसार —————————- उच्चेरुच्च … more →

Tags: अभिव्यक्ति, आध्यात्म, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मातृभाषा, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, adhyatm, कला

मनु स्मृति-हृदय में यम साक्षी रूप में स्थित रहते हैं (jhooth mat bolo-manu smriti)

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: यमो वैवस्वतो देवो यस्तवैध हृदिस्थितः। तेन चेदविवादस्ते मां गंगा मा कृरून गमः।। हिंदी में भावार्थ-सभी … more →

Tags: हिंदी, आलेख, आध्यात्म, हिंदी पत्रिका, भगवान, कला, सूचना, अध्यात्म, dharm


Have your say. Start a blog.

See our free features →

Related Tags
All →

Follow this tag via RSS