धूप में निकलो घटाओं में नहा कर देखो ज़िंदगी क्या है किताबों को हटा कर देखो वो सितारा है चमकने दो यूँ ही आँखों में क्या ज़रूरी है उसे जिस्म बनाकर देखो पत्थरों में भी ज़ुबां होती है दिल होते हैं अपने घर के… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 8 months ago: धूप में निकलो घटाओं में नहा कर देखो ज़िंदगी क्या है किताबों को हटा कर देखो वो सितारा है चमकने दो यूँ … more →
Amarjeet Singh wrote 8 months ago: आँख से दूर न हो दिल से उतर जायेगा वक़्त का क्या है गुज़रता है गुज़र जायेगा इतना मानूस न हो ख़िलवतेग़म से … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: मिलकर जुदा हुए तो न सोया करेंगे हम, एक दूसरे की याद में रोया करेंगे हम, आंसू छलक छलक के सतायेंगे रात … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: तेरे खुशबु मे बसे ख़त मैं जलाता कैसे, जिनको दुनिया की निगाहों से छुपाये रखा, जिनको इक उम्र कलेजे से … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: उडो न कागा कारे, उडो न कागा कारे, देह मिली जहे, अपने राम प्यारे, उडो न कागा कारे, उडो न कागा कारे, प … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: राम सिमर राम सिमर, इहे तेरे काज है, माया को संग त्याग, प्रभु जू की सरन लाग, जगत सुख मान मिथ्या, झूठो … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: अजब अपना हाल होता जो विसाल-ए-यार होता कभी जान सदक़े होती कभी दिल निछार होता कोई फ़ितना था क़यामत ना फिर … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: तुझसे मिलने की सज़ा देंगे तेरे शहर के लोग, ये वफाओं का सिला देंगे तेरे शहर के लोग, क्या ख़बर थी तेरे … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: तस्कीन-ए-दिल-ए-महज़ू न हुई वो सई-ए-क़रम फ़रमा भी गए इस सई-ए-क़रम का क्या कहिये बहला भी गए तड़पा भी गए हम … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: रात भर दीदा-ए-ग़म नाक में लहराते रहे सांस की तरह से आप आते रहे जाते रहे खुश थे हम अपनी तमन्नाओं का ख़् … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: किसी का यूं तो हुआ कौन उम्रभर फिर भी ये हुस्न-ओ-इश्क़ तो धोखा है सब मगर फिर भी हज़ार बार ज़माना इधर से … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: इश्क़ के शोले को भड़काओ कि कुछ रात कटे दिल के अंगारे को दहकाओ कि कुछ रात कटे हिज्र में मिलने शब-ए-मा … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: ग़ज़ल का साज़ उठाओ बड़ी उदास है रात नवा-ए-मीर सुनाओ बड़ी उदास है रात नवा-ए-दर्द में इक ज़िंदगी तो होती है … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: एक चमेली के मंड़वे तले मैकदे से ज़रा दूर उस मोड़पर… दो बदन… दो बदन…… दो बदन प्यार की आग में जल गए प्यार … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: Lyrics: Sanjay Sakshi Singer Jaswinder Singh … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: देखना जज़्बे मोहब्बत का असर आज की रात मेरे शाने पे है उस शोख़ का सर आज की रात नूर ही नूर है किस सिम्त … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: शहर की रात और मै नाशाद-ओ-नाकारा फिरूं जगमगाती जागती सड़कों पे आवारा फिरूं ग़ैर की बस्ती है कब तक दर-ब- … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: ऐ मलिहाबाद के रंगीं गुलिस्तां अलविदा अलविदा ऐ सरज़मीन-ए-सुबह-ए-खन्दां अलविदा अलविदा ऐ किशवर-ए-शेर-ओ-श … more →