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अब 'विनय' तेरे ग़म से ग़ाफ़िल नहीं रहा
विनय प्रजापति wrote 7 months ago: अब ‘विनय’ तेरे ग़म से ग़ाफ़िल नहीं रहा दे … more »
दोस्त, माफ़ कर देना मुझे
विनय प्रजापति wrote 7 months ago: तुमने पुकारा था जब मैंने सुना तो था मग … more »
एक रोशनी देखा करते थे
विनय प्रजापति wrote 7 months ago: तेरी चौखट पे एक रोशनी देखा करते थे अब न … more »
तुम आज ही लौट आओ
विनय प्रजापति wrote 8 months ago: कहाँ है वो चेहरा, गुलाबी चेहरा जिसको द … more »
