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Blogs about: Hope

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उसने हमसे कभी वफ़ा न की7 comments

विनय wrote 10 months ago: उसने हमसे कभी वफ़ा न की और हमने भी तमन्ना न की बहुत बोलते हैं सब ने कहा सो आदत-ए-कमनुमा न की बहुत आये … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, Agony, anger, आइंदा, आदत, आश्ना, इश्क़, उम्मीद, कमनुमा

How far we are 5 comments

विनय wrote 10 months ago: How far we are How close we would be Eyes are filled with mist How clear could be Drizzle is damping … more →

Tags: English songs, clear, Close, damp, Dim, drizzle, Edge, EVE, eyes

What I am what I wanna be

विनय wrote 10 months ago: What I am what I wanna be Shame shame a big shame on me What I am what I wanna be There’s no l … more →

Tags: English songs, Love, light, broken, Help, chain, glee, shame, Loser

यह जिस्म नहीं है4 comments

विनय wrote 1 year ago: यह जिस्म नहीं है, काँच के टुकड़े हैं ज़मीने-वक़्त पर दूर तक बिखरे हैं इन्हें मत छूना हाथों में चुभ जाय … more →

Tags: मेरा गीत, always, इश्क़, कशमकश, काँच, जिस्म, दिये, दिल, दीवार

तआक़ुब3 comments

विनय wrote 1 year ago: बड़ी उम्मीद से मैं चला था तआक़ुब-ए-इश्क़ पर और दीदार उसका मुझको ही घायल कर गया है अब सुबह का चाँद और श … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, चाँद, उम्मीद, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, सूरज, शाम

उम्मीद है हम तुम मिलेंगे3 comments

विनय wrote 1 year ago: उम्मीद है हम तुम मिलेंगे उम्मीद है नये दीप जलेंगे जब बसंत की धूप महकेगी उम्मीद है दोनों दिल खिलेंगे … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, उम्मीद, कली, ख़त, ख़ुशबू, घर, दिल, दीप

उम्मीद जागी है इक बार फिर तुम्हें पाने की

विनय wrote 1 year ago: उम्मीद जागी है इक बार फिर तुम्हें पाने की बचाये ख़ुदा! नज़र न लग जाये ज़माने की तेरी जुस्त-जू को न मिट … more →

Tags: रुबाइयाँ, वक़्त, उम्मीद, इश्क़, Love, time, प्यार, मोहब्बत, ख़ुदा

मैं ज़हर का असर ढूँढ़ता फिरा

विनय wrote 1 year ago: मैं ज़हर का असर ढूँढ़ता फिरा वह शामो-सहर ढूँढ़ता फिरा जिस बाज़ार में ग़म बिकते हों उसे दिनो-दोपहर ढूँढ … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, Heart, Love, दिल, प्यार, मोहब्बत, बाज़ार, शाम

उफ़! यह छाँव की उमस

विनय wrote 1 year ago: उफ़! यह छाँव की उमस तौबा यह झूठे फ़साने उम्मीद की धूप रिस गयी है शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’ लेखन वर्ष: … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, ज़िन्दगी, उम्मीद, उफ़, धूप, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत

कब कहाँ रुकें, कब तक चलें

विनय wrote 1 year ago: कब कहाँ रुकें, कब तक चलें ठहर जायें जहाँ दो पल के लिए वह मंज़िल है कहाँ? तुम जहाँ कहानियाँ कहती हों व … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Love, प्यार, मंज़िल, मोहब्बत, सफ़र, वफ़ा, अरमान

धीरे-धीरे उतरती है साँस सीने में

विनय wrote 1 year ago: धीरे-धीरे उतरती है साँस सीने में यह  दर्द  बड़ा  बेदर्द  है  सीने  में लुत्फ़ जीने क सब ख़त्म हो गया … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, दर्द, Love, eyes, प्यार, मोहब्बत, Pain, साँस

अब खुशी है न कोई गम

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: अब खुशी है न कोई गम रुलाने वाला, हमने अपना लिया हर रंग ज़माने वाला, उसको रुखसत तो किया था मुझे मालूम … more →

Tags: Jagjit Singh, Ghazal, जगजीत सिहँ, Álbums, गज़ल, Non Films, जगजीत सिंह, Hmv, Non Film

दिल की बस्तियाँ जलीं

विनय wrote 2 years ago: दिल की बस्तियाँ जलीं पर उठा नहीं धुँआ बुझाया आँखों से मैंने पर बुझा नहीं धुँआ बहुत देर तक टीस दबाये … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, अश्क, आँख, इश्क़, उम्मीद, किनारा, टीस, दर्द, दिल

अपना अक्स देखा

विनय wrote 2 years ago: आज राह चलते-चलते इक आईने में अपना अक्स देखा बड़ा ग़ुरूर था मुझे खु़द पर न मैंने अपने अंदर का नक्स देख … more →

Tags: मेरी नज़्म, उम्मीद, रात, अक्स, सवेरा, आँसू, Morning, Night, Tears


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